हलाली डैम के पिच मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हादसों का दे रहे हैं न्यौता, रोजाना निकलते हैं सैकडों वाहन
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
हलाली डैम के पिच पर बने मार्ग की हालात दिनों दिन बदतर होती जा रही है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों के कारण आए दिन वाहन चालक परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस मार्ग से बैरसिया होते हुए रायसेन और विदिशा के लिए बसें प्रतिदिन गुजरती हैं, वहीं भोपाल की ओर जाने वाली यात्री बसें भी इसी रास्ते से होकर निकलती हैं। गड्ढों की वजह से बसों और अन्य वाहनों के पलटने या टकराने का खतरा लगातार बना हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग ने अब तक इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। वहीं, हलाली डैम पर रोजाना सैकड़ों पर्यटक भी घूमने आते हैं और खराब सड़क उनकी परेशानी को और बढ़ा देती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर बने गड्ढों को जल्द से जल्द भरवाया जाए ताकि कोई बड़ा हादसा टाला जा सके।
इनका कहना है।
हलाली डैम के पिच पर बने मार्ग की हालात दिनों दिन बदतर होती जा रही है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों के कारण आए दिन वाहन चालक परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस मार्ग से बैरसिया होते हुए रायसेन और विदिशा के लिए बसें प्रतिदिन गुजरती हैं। यहां से बसें यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बिना कोई सुरक्षा इंतेज़ाम के निकलती हैं। इस मार्ग को शीघ्र ही पक्का किया जाए।
कालूराम मीणा, सरपंच ग्रा. पं. खोहा।
ओवरफ्लो वाली जगह पर पानी रोकने के लिए 5 गेट तो लगा दिए गए हैं। लेकिन यात्रियों की जान खतरे में डालते हुए बसें बिना सुरक्षा के खतरनाक मार्ग से गुजर रही हैं। रास्ते के दोनों और 100-100 फिट गहरी खाई हैं। जहां पर कभी भी बड़ा हादसा होने की संभावना है।
शफीक खान, मुड़ियाखेड़ा।
लगभग 25 करोड़ की लागत से 5 गेटों का निर्माण हलाली बांध पर किया गया है। लेकिन आवागमन का रास्ता पथरीला और कच्चा ही छोड़ दिया गया है। इसी खतरनाक रास्ते से प्रतिदिन सैंकड़ों यात्री बैरसिया की और बसों व अन्य साधनों से जाते हैं। शासन प्रशासन से कई बार मामले की शिकायत की गई है। परंतु अभी तक कोई सुनवाई नही हुई है।
मकसूद मंसूरी, स्थानीय रहवासी सलामतपुर।
