विदेश में इमामत के नाम पर धोखा: ओमान में युवक से कराए टॉयलेट साफ, ढाई महीने बाद सुरक्षित लौटा फैजान
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर नज़र)
विदेश में सम्मानजनक नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर ठगी करने वाले एजेंटों का एक नया कारनामा सामने आया है। रायसेन जिले के सांची जनपद क्षेत्र अंतर्गत गीदगढ़ गांव निवासी मोहम्मद फैजान को ओमान की मस्जिद में इमाम (नमाज पढ़ाने) की नौकरी का झांसा देकर एजेंट ने लाखों रुपये ऐंठ लिए, लेकिन मस्कट पहुँचते ही उन्हें बंधक जैसी स्थिति में रखकर मजदूरी कराने का मामला सामने आया है।
2 लाख की ठगी: इमामत का सपना दिखा थमा दिया झाड़ू-पोछा--फैजान के अनुसार, जनवरी 2026 एक एजेंट ने उन्हें ओमान की मस्जिद में इमाम की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। इसके एवज में मेडिकल और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर परिवार से किश्तों में करीब 2 लाख ऐंठ लिए गए। गरीब परिवार ने बड़ी मुश्किल से पैसों का इंतजाम किया और 4 मई 2026 को फैजान मस्कट (ओमान) पहुँचे। हालांकि, मस्कट पहुँचते ही एजेंट के वादों की पोल खुल गई। मस्जिद में नमाज पढ़ाने के बजाय फैजान से 30 से 40 कमरों वाले मिनिस्ट्री ऑफिस की सफाई, बर्तन धुलवाने और टॉयलेट-बाथरूम साफ करने जैसे काम कराए जाने लगे।
रोजाना 15 घंटे प्रताड़ना और 4-4 दिन तक भुखमरी--फैजान ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनसे रोजाना 14 से 15 घंटे काम कराया जाता था। इसके बावजूद न तो कोई वेतन दिया गया और न ही पेट भरने के लिए खाना। कई बार लगातार 4-4 दिन तक भूखे रहने की नौबत आ गई।जब फैजान ने एजेंट से शिकायत की, तो वह बहाने बनाता रहा और अंततः उसने अपना नंबर ब्लॉक कर दिया। वहीं कंपनी ने फैजान का पासपोर्ट जब्त कर लिया और भारत लौटने के एवज में 650 रियाल की मांग रख दी।
मस्कट में भारतीयों ने थामी बांह--इस कठिन परिस्थिति में मस्कट में रह रहे भारतीय नागरिकों ने फैजान की मदद की। मस्कट निवासी नवाब भाई ने उन्हें भोजन के लिए आर्थिक सहायता दी, वहीं मोहम्मद खलील अहमद ने फैजान को करीब डेढ़ महीने तक अपने घर में शरण दी।
दूतावास के हस्तक्षेप से हुई वतन वापसी--18 जुलाई को यह गंभीर मामला भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन के संज्ञान में आया। उनकी पहल पर ओमान स्थित भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और भारतीय प्रवासी सहायता केंद्र ने तत्काल हस्तक्षेप किया। लेबर कोर्ट से एग्जिट परमिट मिलने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद फैजान 28 जुलाई को मुंबई पहुँचे और 30 जुलाई की रात अपने गाँव गीदगढ़ सुरक्षित लौट आए।फैजान और उनके परिजनों ने अब आरोपी एजेंट और फर्जी कंपनी के खिलाफ पुलिस प्रशासन से सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।






























MP में सेवा संकल्प अभियान का बड़ा प्लान तैयार, अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारियां सौंपी गईं
‘हनुमान अंश’ की विदेशों में भी धूम, नॉर्थ अमेरिका में रिलीज से पहले ही करीब 1 करोड़ की कमाई
खुदरा खरीद से सोने की कीमतों में तेजी, तीन दिन की गिरावट का सिलसिला टूटा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को लेकर रखी सरकार की सोच, समृद्धि पर दिया जोर
बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 11 सितंबर से लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी प्रभावित
नाबालिग लड़की के उत्पीड़न पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
सेबी प्रमुख का बड़ा बयान, एआई से बदल सकती है शेयर बाजारों के कामकाज की तस्वीर
‘टकराव नहीं, सहयोग जरूरी’, अंतरराष्ट्रीय मंच से PM मोदी ने दिया दुनिया को बड़ा संदेश
सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, भोपाल में 15 करोड़ की जमीन कराई अतिक्रमण मुक्त