​अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खनर पर पैनी नज़र)

भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 को फोरलेन में बदलने की बहुप्रतीक्षित मांग आखिरकार पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस परियोजना को हरी झंडी दे दी गई है। मंजूरी की खबर मिलते ही सलामतपुर, दीवानगंज, सूखी सेवनिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों के रहवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से हादसों और जाम से निजात पाने के लिए इस मार्ग को चौड़ा करने की मांग कर रहे थे।

हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर 1757 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा मार्ग--मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर आधारित इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1757 करोड़ 55 लाख रुपये होगी। इसके तहत वर्तमान में मौजूद 44.83 किलोमीटर लंबे दो-लेन मार्ग को पेव्ड शोल्डर के साथ फोरलेन में विकसित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि अधिग्रहण के लिए लगभग 140 करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रावधान के साथ परियोजना का बजट अंतिम रूप से स्वीकृत किया  गया।

ट्रैफिक का दबाव होगा कम, हादसों पर लगेगी लगाम--

​यह मार्ग भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सूखी सेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर होते हुए एन एच-146 के सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाता है। वर्तमान में इस मार्ग पर वाहनों का दबाव 10,975 पैसेंजर कार यूनिट है, जो 4-लेन मानक से अधिक है।

​आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात के दबाव और हादसों की आशंका को घटाने के लिए 8.25 किलोमीटर लंबे 3 नए बायपास बनाए जाएंगे जिनमें सूखी सेवनिया बायपास 1.80 किमी

​बेरखेड़ी बायपास: 1.35 किमी

​सलामतपुर बायपास: 5.10 किमी

सांची, सतधारा, सुनारी, उदयगिरि और पर्यटन स्थलों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी--यह हाईवे केवल परिवहन ही नहीं, बल्कि धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सांची स्तूप, सतधारा बौद्ध स्तूप, उदयगिरि की गुफाएं, अशोक स्तंभ और पुरातात्विक संग्रहालय इसी मार्ग से जुड़ते हैं। इसके अलावा यह सड़क 24.550 किलोमीटर पर कर्क रेखासे गुजरती है, जिससे इसका भौगोलिक और पर्यटकीय महत्व और बढ़ जाता है।

आर्थिक और क्षेत्रीय विकास को लगेंगे पंख--फोरलेन बनने से यह मार्ग भोपाल-कानपुर हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए ए क प्रमुख फीडर कॉरिडोर का कार्य करेगा। इससे भोपाल, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जैसे जिलों के बीच आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा। यात्रा का समय घटने से पर्यटन, होटल उद्योग, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28