सलामतपुर दीवानगंज सहित आसपास क्षेत्र में लम्पी वायरस का कहर, पशुपालकों में बढ़ी चिंता
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
रायसेन जिले के सलामतपुर, दीवानगंज सहित आसपास क्षेत्र में एक बार फिर से लम्पी स्किन डिज़ीज़ वायरस (LSDV) का प्रकोप देखने को मिल रहा है। कई गाय-बैलों में इसके लक्षण दिखाई देने से पशुपालकों में हड़कंप मच गया है। दीवानगंज सहित आसपास क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि जब वे इलाज के लिए दीवानगंज पशु चिकित्सालय पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि न तो यहां इस बीमारी की कोई दवा उपलब्ध है और न ही वैक्सीन। स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि नज़दीकी अस्पताल में स्थायी डॉक्टर पदस्थ नहीं है, सिर्फ प्रभारी डॉक्टर हैं, जो अधिकांश समय अनुपस्थित रहते हैं। ऐसे में पशुपालकों को इलाज कराने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, लम्पी वायरस मुख्यतः मच्छर, मक्खी और टिक्स (किलनी) के जरिए फैलता है। यह रोग खासतौर पर गाय और भैंसों को प्रभावित करता है। संक्रमित पशुओं में तेज बुखार, शरीर पर गांठें, दूध उत्पादन में कमी और कमजोरी जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। यदि समय पर उपचार न मिले तो पशुओं की जान भी जा सकती है।
पशु चिकित्सकों का मानना है कि समय पर टीकाकरण, स्वच्छता और मच्छरों से बचाव ही इस रोग से सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है। सरकार द्वारा पहले इस बीमारी की रोकथाम के लिए "गोठवीरोक" नामक वैक्सीन उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन इस बार क्षेत्रीय अस्पताल में दवा और वैक्सीन की अनुपलब्धता ने पशुपालकों की परेशानी बढ़ा दी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द दीवानगंज पशु चिकित्सालय में स्थायी डॉक्टर पदस्थ किए जाएं और लम्पी वायरस से बचाव के लिए दवाएं व वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएं, ताकि पशुपालकों को नुकसान से बचाया जा सके।
