-स्थानीय रहवासियों ने समस्या के समाधान की शासन प्रशासन से मांग की है

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

सांची विकासखंड अंतर्गत आने वाला दीवानगंज पशु चिकित्सालय इन दिनों गंभीर स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। पहले यहां प्रभारी डॉक्टर सहित आठ कर्मचारियों की ड्यूटी हुआ करती थी, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि मात्र तीन कर्मचारियों के भरोसे ही 42 गांव के मवेशियों की जिम्मेदारी टिकी हुई है। जानकारी के अनुसार, सांची पशु चिकित्सालय के डॉक्टर को यहां का प्रभारी बनाकर अटैच किया गया है, लेकिन वह भी महीने में कभी-कभार ही पहुंचते हैं। वहीं असिस्टेंट फील्ड ऑफिसर जवाहर जैन को बीएलओ का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है, जिसके कारण वे ज्यादातर समय फील्ड में ही रहते हैं। नतीजतन, पशु चिकित्सालय में नियमित रूप से कर्मचारियों की उपलब्धता नहीं हो पाती। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टाफ की कमी से पशु चिकित्सालय का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बीमार मवेशियों के इलाज में देरी होती है और कई बार ग्रामीणों को निजी क्लीनिक का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि दीवानगंज पशु चिकित्सालय में स्थायी प्रभारी डॉक्टर सहित आवश्यक स्टाफ की जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए, ताकि 42 गांव के मवेशियों को समय पर उपचार मिल सके।

इनका कहना है।

दीवानगंज पशु चिकित्सालय इन दिनों गंभीर स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। पहले यहां प्रभारी डॉक्टर सहित आठ कर्मचारियों की ड्यूटी हुआ करती थी, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि मात्र तीन कर्मचारियों के भरोसे ही 42 गांव के मवेशियों की जिम्मेदारी टिकी हुई है।जिसकी वजह से क्षेत्र के पशुपालकों में रोष व्याप्त है। स्थानीय ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से शीघ्र ही समस्या के समाधान की मांग की है।

रोहित कुमार, स्थानीय रहवासी दीवानगंज।

मेरे ही बीमार पशु को दीवानगंज पशु चिकित्सालय में समय से ईलाज मुहैया नही होने के कारण उसकी मौत हो गई थी। अब तो चिकित्सालय में स्टाफ भी नदारत रहता है। ज़िम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होना चाहिए।

भगवान सिंह, स्थानीय रहवासी।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28