बच्चों के लालन-पालन में पिता की भूमिका भी महत्वपूर्ण दीवानगंज में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
बच्चों के शुरुआती 1000 सुनहरे दिवसों में उनके शारीरिक, मानसिक विकास, पोषण और संवेदनशील देखभाल में परिवार की भूमिका अहम होती है। इस दिशा में पिता की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए महिला बाल विकास विभाग एवं संगत संस्था के संयुक्त कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।यह प्रशिक्षण दीवानगंज आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 02 में हुआ। प्रशिक्षण में बच्चों के लालन-पालन में पिता की भूमिका को उजागर करने के लिए संस्था द्वारा छोटे-छोटे वीडियो तैयार किए गए, जिन्हें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर परिवारों को दिखाएंगी। इससे बच्चों के पालन-पोषण में पिता का सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।संगत संस्था रायसेन की एडीसी डॉ. निकिता पाठक ने प्रशिक्षण को रोचक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। प्रशिक्षण में दीवानगंज की सुपरवाइजर नीता अहिरवार, संगत संस्था विदिशा की मनोवैज्ञानिक संध्या पिल्ले एवं सुपरवाइजर श्वेता दुबे ने पूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के शुरुआती विकास के लिए परिवार विशेषकर पिता को सक्रिय भागीदार बनाना बताया गया।


