श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कृष्ण बाल लीलाओं का हुआ भावपूर्ण वर्णन
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
गल्ला मंडी ग्राउंड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। राष्ट्रीय कथा व्यास पंडित देवेन्द्र भार्गव महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्तों को भक्ति, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।महाराज श्री ने माखन चोरी लीला का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि बालकृष्ण की यह लीला केवल बाल सुलभ चंचलता नहीं, बल्कि जीव और परमात्मा के मधुर संबंध का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जैसे गोपियों का मन माखन की तरह निर्मल था, वैसे ही शुद्ध हृदय में ही भगवान का वास होता है। इसके बाद गिरिराज (गोवर्धन) प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान ने इंद्र के अहंकार का नाश कर प्रकृति पूजन का संदेश दिया और भक्तों की रक्षा की। पूतना वध प्रसंग में उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने दुष्टता का अंत कर संसार को यह संदेश दिया कि ईश्वर की शरण में आने वाले को अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं नंदू उत्सव की कथा सुनाकर उन्होंने जन्मोत्सव की आनंदमयी झांकी का चित्रण किया, जिससे पंडाल जय श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में प्रतिदिन भजन-कीर्तन, आरती एवं प्रसाद वितरण भी किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं।
