3 गांवों के किसानों की चमकेगी किस्मत: 100 एकड़ में होगी नेपियर घास की खेती, सालाना लाखों की कमाई का रास्ता साफ
-मशरूम वर्ल्ड कंपनी ने तिजालपुर, मेढ़की और बराईखास गांव की 50 एकड़ जमीन पर खेती कर दी है शुरू
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
रायसेन जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) सलामतपुर के अंतर्गत आने वाले गांवों के किसानों के लिए एक बेहतरीन आर्थिक अवसर सामने आया है। क्षेत्र के तीन प्रमुख गांवों तिजालपुर, बराईखास और मेढ़की की लगभग 100 एकड़ कृषि भूमि पर 'नेपियर घास' की खेती का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में 40 से 50 एकड़ भूमि पर इसकी बुवाई शुरू भी हो चुकी है, जबकि शेष 50 एकड़ भूमि पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।यह पूरी पहल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में हुए एक महत्वपूर्ण समझौते एमओयू के तहत आकार ले रही है।
अमित शाह की मौजूदगी में हुआ है एमओयू--
इस ऐतिहासिक परियोजना की नींव केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की पहल पर रखी गई। भोपाल में आयोजित एक राज्यस्तरीय सहकारिता कार्यक्रम में सलामतपुर सहकारी समिति के प्रबंधक कुंवर सिंह दांगी और मैसर्स मशरूम वर्ल्ड कंपनी के प्रबंध संचालक समीर सागर के बीच नेपियर घास के कल्टीवेशन (अनुबंध खेती) के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। मध्य प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ 5 प्राथमिक सहकारी समितियों में सलामतपुर समिति को चुना जाना रायसेन जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पैक्स के व्यवसाय वृद्धि के लिए स्वीकृत ऋण पत्र भी वितरित किए और समिति प्रबंधक कुंवर सिंह दांगी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया।
1 बार लगाएं, 5 साल तक कमाएं,जानिए क्या है नेपियर घास का गणित--नेपियर घास को मुख्य रूप से बायो-एनर्जी, बायो-डीजल और अन्य पर्यावरण अनुकूल बायो-प्रोडक्ट्स बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसकी खेती किसानों के लिए बेहद कम लागत और न्यूनतम जोखिम वाली मानी जाती है:
बार-बार बुवाई से मुक्ति: एक बार पौधा लगाने के बाद यह फसल लगातार 5 वर्षों तक उपज देती रहती है। मात्र 2 से 3 महीने (साल में 3 से 4 बार) में इसकी लंबाई 15 फीट तक पहुंच जाती है।
कम लागत व कम देखभाल--इस फसल को बार-बार निराई-गुड़ाई, भारी रासायनिक उर्वरकों या कीटनाशकों की आवश्यकता नहीं होती।1 एकड़ भूमि में लगभग 100 से 150 टन तक की वार्षिक पैदावार प्राप्त की जा सकती है।इस परियोजना का सीधा वित्तीय ढांचा किसानों के हक में तैयार किया गया है।मशरूम वर्ल्ड कंपनी किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज/कलमें उपलब्ध करा रही है।कंपनी किसानों से 700 रुपये प्रति टन की तय दर पर पूरी फसल खरीदेगी।.हर 3 महीने में एक बीघा जमीन से 20 टन से अधिक उपज मिलती है, जिससे किसान को प्रति बीघा सालाना लगभग 1 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा हो सकता है।
28 गांवों के 1900 किसानों के लिए नए अवसर--कृषक सेवा सहकारी समिति सलामतपुर के अंतर्गत कुल 28 गांव आते हैं, जिनसे लगभग 1,900 किसान जुड़े हुए हैं। समिति के लगातार बेहतर प्रयासों से क्षेत्र में कृषि नवाचारों को बढ़ावा मिल रहा है। शुरुआती चरण में तिजालपुर, मेढ़की और बराईखास के किसानों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिसके बाद अन्य गांवों तक भी इसका विस्तार किया जाएगा।
समिति प्रबंधक कुंवर सिंह दांगी का कहना है:
"केंद्रीय मंत्री अमित शाह और सीएम डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में हुआ यह अनुबंध हमारे क्षेत्र के किसानों का भविष्य बदलने वाला है। 700 रुपये प्रति टन के हिसाब से कंपनी खुद फसल खरीदेगी और पूरा मुनाफा सीधे किसानों की जेब में जाएगा। फिलहाल 40 से 50 एकड़ में काम शुरू हो चुका है, जो बहुत जल्द 100 एकड़ तक पहुँचेगा।"






























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