अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

अपर मुख्य सचिव आशोक वर्णवाल द्वारा शनिवार को रायसेन जिले के तिजालपुर गांव का भ्रमण किया गया। इस दौरान कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, आरसीएस समिति एवं किसान उपस्थित रहे।  अपर मुख्य सचिव द्वारा सलामतपुर समिति के एमओयू के तहत नेपियर ग्रास की इकॉनमी उनकी उपज आदि विषयों पर किसानो से स्वयं चर्चा की गई। उन्होंने किसानो के अनुभव, इस फसल से होने वाले लाभ के बारे में चर्चा की। उन्होंने किसानों से कहा कि पारंपरिक फसल की जगह नगदी या उद्यानिकी फसलों को लगाने से किसानों की आमदनी में कई गुना वृद्धि हो सकती है।

मशरूम वर्ल्ड कंपनी ने 100 एकड़ क्षेत्र में लगाई है नेपियर घास--

मशरूम वर्ल्ड कंपनी सलामतपुर के तिजालपुर गांव सहित आसपास गांवों की 100 एकड़ भूमि पर किसानों को बीज उपलब्ध करा कर नेपियर घास की खेती कर रही है। नेपियर घास की फसल 1 एकड़ भूमि पर 100 से 150 टन की पैदावार देती है। यह घास 700 रुपए टन के हिसाब से कंपनी खरीदेगी। इसका पूरा मुनाफा किसानों को ही मिलेगा।

एक बार लगाएं लगातार 5 साल तक कमाएं--नेपियर घास का उपयोग बायोमास के रूप में भी किया जा सकता है, जैसे कि बायोएनर्जी, बायोडीजल या अन्य बायोप्रोडक्ट्स बनाने में। एक बार बुवाई करने के बाद यह लगातार पांच साल तक फसल देती है। हर 2 से 3 महीने में घास की उंचाई 15 फीट तक भी हो जाती है। नेपियर घास को बार-बार निराई, गुडाई या रासायनिक खाद व कीटनाशकों की भी जरूरत नहीं होती। बेहद कम खर्च में तैयार होने वाली इस घास से हर 3 महीने में एक बीघा में कटाई से किसान 20 टन से ज्यादा उपज ले सकता है। इससे किसान को सालाना एक बीघा से एक लाख रुपए तक कमाई हो सकती है।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28