भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 पर भूसे से भरे ओवरलोड वाहन बने खतरा, हादसों को दे रहे दावत
-स्टेट हाइवे 18 से प्रतिदिन निकल रहे हैं भूसे से भरे हुए सैंकड़ों वाहन, नही होती कार्रवाई
-क्षेत्र में भूसे का रकबा हो रहा है कम, पशुपालक परेशान
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
रायसेन जिले के भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे क्रमांक 18 पर ओवरलोड वाहनों का संचालन लगातार बढ़ता जा रहा है। ये वाहन, खासकर भूसे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक, सड़क पर बेतरतीब ढंग से चलते हुए पूरे मार्ग को घेर लेते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन भर ऐसे ओवरलोड वाहन गुजरते रहते हैं, जिससे आवागमन में परेशानी के साथ-साथ सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। कई बार इन वाहनों की वजह से छोटे वाहन चालकों को ओवरटेक करने में कठिनाई होती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर ओवरलोड वाहनों की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि हादसों पर लगाम लग सके और यातायात सुचारू रूप से चल सके।
हाइवे 18 से रोज़ निकल रहे भूसे से भरे 50 से अधिक ट्रक और ट्रालियां, नही हो रही कार्रवाई--परिवहन विभाग की अनदेखी के कारण रायसेन जिले के भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर ओवरलोड ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर ट्रॉली आदि वाहन सड़क पर सरपट दौड़ते हुए दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहे हैं। वहीं पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने से वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं। हद तो तब हो जाती है जब भूसे से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर ट्राली पर ही लोग बैठे हुए नजर आते हैं जो हादसों को दावत दे रहे हैं। इस दौरान अगर कोई व्यक्ति बिजली की हाईटेंशन लाइट की चपेट में आ जाए तो एक बड़ा हादसा हो सकता है। यह नजारा है बेरखेड़ी चौराहे का जहां से एक ओवरलोड भूसा से भरी ट्रैक्टर ट्राली निकलती हुई नजर आई। जिसके ऊपर लोग बैठे हुए थे जो अपनी जान से खिलवाड़ कर रहे थे।जानकारी के अनुसार रायसेन जिले के भोपाल विदिशा हाईवे सलामतपुर थाने के बेरखेड़ी चौराहा, दीवानगंज में रोजाना सैकडों ट्रक, डंपर व ट्रैक्टर ट्रॉलियां क्षमता से अधिक मात्रा में भूसा भरकर ले जाते हैं। ओवरलोड वाहनों से हाईवे पर आए दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। लेकिन विभाग इन ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा हैं।
क्षेत्र में भूसे का रकबा हो रहा है कम---भोपाल विदिशा हाईवे 18 से रोजाना दर्जनों भूसे से भरे डंपर निकल रहे हैं, जिससे न केवल भूसा संकट बढ़ने की आशंका है, बल्कि हादसों की भी आशंका बनी हुई है। एक ओर क्षेत्र में पिछले दो साल से किसान दलहनी फसलों की पैदावार कर रहे हैं, जिससे भूसे का रकबा कम हो रहा है तो वहीं पशु पालकों 800 से 1000 रुपए प्रति क्विंटल दर पर भूसा खरीदना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में पशु पालकों भूसा और दाम दोनों की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। भूसा परिवहन पर रोक नहीं होने के कारण प्रतिदिन दर्जनों ट्रक भूसा जिले से बाहर जा रहे हैं। इससे भूसा का संकट लगातार बढ़ रहा है। हार्वेस्टिंग के माध्यम से कटी फसल का भूसा मशीनों से बनाया जा रहा है। इसे खेत से ही खरीद कर बाहर के व्यापारी ले जा रहे है। पशु पालक राकेश मीणा, शैतान मीणा, सुमित और सर्जन पाल ने बताया कि सीजन के बाद बारिश में भूसा के दाम मे 1 हजार रुपए क्विंटल तक पहुंच गए थे। इससे पालकों के सामने समस्या खड़ी हो जाती है।
प्रतिदिन हाइवे से निकलते हैं भूसे से भरे हुए लगभग 50 ट्रक---भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 पर यातायात का अत्यधिक दबाब रहता है। यहां से प्रतिदिन लगभग पचास ओवरलोड भूसे से भरे हुए ट्रक व ट्रैक्टर ट्राली निकलती हैं जो भोपाल व इंदौर की और जाते हैं। यह ओवरलोड ट्रक अंधी रफ़्तार से चलते हैं। इसके साथ ही भोपाल से विदिशा चलने वाली बसें, डम्फर ईंट, ढोने बाली 407 , डीजल टेंकर अंधी रफ़्तार से चलते हैं। जिससे इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाए होती रहती हैं। और यातायात विभाग इन वाहनों से सिर्फ चौध वसूली कर अपनी डियूटी पूरी कर लेता है। शासन प्रशासन को शीघ्र इस और ध्यान देकर समस्या का समाधान करना चाहिए।
हाइवे पर आरटीओ विभाग प्रतिदिन करता है चैकिंग फिर भी भूसे के वाहनों पर नही होती कार्रवाई--- भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में तेज रफ्तार ओवरलोड भूसे के ट्रक व ट्राली दौड़ रहे हैं। जिनका आरटीओ द्वारा कभी भी फिटनेस चेक नहीं किया जाता है। ये तेज़ रफ़्तार वाहनों द्वारा राहगीरों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां गोर करने वाली बात यह है कि रायसेन आरटीओ प्रतिदिन सलामतपुर, दीवानगंज, त्रिमूर्ति चौराहा, सांची आदि जगहों पर चेकिंग कर रहे हैं। लेकिन उनको ये ओवरलोड ट्रक और तेज़ रफ़्तार ट्रैक्टर ट्राली नज़र नही आ रही हैं। जिसकी वजह से राहगीरों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने कहा है कि अगर शीघ्र ही इन ओवरलोड ट्रकों पर कार्रवाई करने के साथ ही इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर या ज़िग-ज़ैग नही रखे गए तो इस तरह की गंभीर दुर्घटनाएं होती रहेंगी।स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से भी मांग की है कि नगर से निकलने वाले तेज़ रफ़्तार ओवरलोड भूसे के ट्रकों पर कार्रवाई नही की तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इनका कहना है।
तेज़ रफ़्तार व ओवरलोड भूसे के ट्रकों पर कार्रवाई होना आवश्यक है। सलामतपुर रोड से ये ओवरलोड ट्रक अंधी रफ्तार से निकलते हैं। जिसकी वजह से क्षेत्र में दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। और इसके साथ ही इनके परमिट निरस्त किए जाएं।
रघुवीर सिंह मीणा, सरपंच ग्राम पंचायत रातातलाई।
जिले सहित सलामतपुर में भूसे का परिवहन निरंतर हो रहा है। और रायसेन आरटीओ जानकारी होने के बाद भी ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने से कतरा रहा है। जबकि रायसेन आरटीओ हाइवे 18 और एनएच 146 पर प्रतिदिन वाहन चैकिंग कर रहे हैं। फिर भी उनको भूसे के ओवरलोड ट्रक नज़र नही आ रहे हैं।
अशोक त्रिपाठी, समाजसेवी रातातलाई सलामतपुर।
स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार शिकायत के माध्यम से ज़िम्मेदार अफसरों को इस समस्या से अवगत कराया है। लेकिन समस्या का समाधान संभव नही हो सका। और भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 के सलामतपुर से दिन रात निकल रहे भूसे के ट्रकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
नीरज जैन बंटी भैया, व्यापारी सलामतपुर।

