नागपुर की श्रद्धावन संस्था ने सुनारी गांव से 5 महीने से लापता हुए शिवम को उसके परिजनों से मिलाया
-5 महीने पहले गांव के नज़दीकी जंगल से हुआ था लापता, मानसिक रूप से कमज़ोर है शिवम
-लापता शिवम सुनारी गांव से 1 हज़ार किलोमीटर दूर महाराष्ट्र के अहमदनगर शहर में भटकता मिला
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
सांची जनपद के सुनारी गांव से पांच महीने पहले लापता हुए मानसिक रूप से कमज़ोर शिवम पाल एक हज़ार किलोमीटर दूर महाराष्ट्र के अहमदनगर में श्रद्धावन संस्था को सड़क पर भटकते हुए मिला है। परिजन काफी महीने से शिवम की तलाश में परेशान थे। और आसपास क्षेत्र में उसकी तलाश भी कर चुके थे लेकिन उसका कहीं पता नही चल रहा था। परिजन तो शिवम के मिलने की उम्मीद ही छोड़ चुके थे। लेकिन पांच अगस्त को जब श्रद्धावन संस्था के राजकुमार विश्वकर्मा नागपुर से शिवम पाल को उनके घर सुनारी गांव लेकर पहुंचे तो पिता गुलाब पाल की खुशी का ठिकाना ही नही रहा। बेटे शिवम को सामने देखकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। उन्होंने शिवम को गले लगा लिया।
23 मई को 1 हज़ार किमी दूर महाराष्ट्र के अहमदनगर में सड़क पर भटकते हुए मिला था शिवम--शिवम लगभग 5 महीने पहले सुनारी गांव के पास नज़दीकी जंगल से लापता हो गया था। श्रद्धावन संस्था के राजकुमार विश्वकर्मा और डॉ भारत वातवानी ने बताया कि 23 मई को शिवम पाल महाराष्ट्र के अहमदनगर में भटकता हुआ मिला था। उसकी मानसिक स्तिथि ठीक नही थी। संस्था ने अपनी उप शाखा नागपुर में लगभग 3 महीने तक निशुल्क ईलाज किया। ताकि उसके घर का पता चल सके। फिर उसकी काफी काउंसलिंग की गई तब कहीं जाकर उसके घर और गांव का पता चल सका। श्रद्धावन संस्था के राजकुमार विश्वकर्मा 5 अगस्त को शिवम को लेकर उसके गांव सुनारी पहुंचे। और परिजनों के सुपुर्द किया। और संस्था द्वारा शिवम को एक महीने की दवा भी निशुल्क दी गई है। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि कप्तान सिंह राजपूत भी मौजूद रहे। वहीं शिवम के पिता गुलाब पाल ने शिवम को सकुशल घर पहुंचाने और उसका ईलाज करने के लिए श्रद्धावन संस्था का आभार व्यक्त किया है।
