घोड़ापछाड़ नदी उफान पर, रास्ता बंद, जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे ग्रामीण
-कुछ समय पहले ही नदी पार करते समय हुई थी युवक की मौत
-सलामतपुर पुलिस की समझाईश के बाद भी नही मान रहे ग्रामीण, उफनती नदी कर रहे हैं पार
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
लगातार चार दिनों से हो रही कभी तेज तो कभी धीमी बारिश के चलते स्थित घोड़ापछाड़ नदी उफान पर है। नदी का पानी पुल से करीब 4 फीट ऊपर बह रहा है, जिससे गांव का संपर्क मार्ग लगभग बंद हो गया है। जानकारी के अनुसार, स्थिति को देखते हुए सलामतपुर पुलिस चौकी के एएसआई सुनील शर्मा मौके पर पहुंचे और नदी का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश दी कि पानी कम होने तक नदी पार करने की कोशिश न करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।इसके बावजूद कई ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। ऐसे में बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
पिछले वर्ष उफनती घोड़ापछाड़ नदी को पार करने युवक ने लगाई थी छलांग, 2 दिन में मिला था शव---पिछले वर्ष ही घोड़ापछाड़ नदी में अपनी बुआ के घर झुंडखो गांव जा रहे युवक ने नदी के पुल पर पानी होने के बाद भी छलांग लगा दी थी। जबकि लोगों ने युवक को रोकने के काफी प्रयास किए थे मगर उसने किसी की एक न सुनी थी और नदी में छलांग लगा दी । और नदी के बहाव में बह गया था। छलांग लगाकर कूदे युवक मनोज धानक पिता गुड्डू धानक उम्र 20 वर्ष का शव 2 दिन बाद घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर मिला था। एसडीआरएफ की टीम और सलामतपुर पुलिस का बल सहित प्रशासनिक अधिकारी लगातार शव को ढूढने के प्रयास कर रहे थे। और रेस्क्यू अभियान निरंतर जारी था। दो दिन बाद युवक का शव घटनास्थल से 2 किलोमीटर दूर रेलवे पुल के पास लांबाखेड़ा घोड़ापछाड़ नदी में मिला था। सलामतपुर पुलिस ने मर्ग का मामला कायमकर शव को सांची सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के उपरांत परिजनों को सौंप दिया था। इन्ही घटनाओं से सबक लेते हुए पुलिस ने इस वर्ष अभी से ही स्थानीय रहवासियों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। फिर भी लोग अपनी जान को खतरे में डालकर नदी पार कर रहे हैं।
