-पीएचई विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से योजना केवल कागजों तक ही सीमित

-ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से ठेकेदार के ऊपर कार्रवाई की मांग की

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

सांची विकासखंड के ग्राम पंचायत मुड़ियाखेड़ा में लाखों रुपये खर्च कर शुरू की गई नल-जल योजना अब सफेद हाथी साबित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह योजना सिर्फ एक हफ्ते तक ही चली, उसके बाद से गांव में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदारों ने अधूरा काम छोड़ दिया, कई जगह नल कनेक्शन लगाए ही नहीं गए, और जहां लगाए भी गए हैं, वहां अब पानी नहीं आ रहा। पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन मरम्मत नहीं की गई, जिससे रास्तों की हालत बद से बदतर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पीएचई विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से यह योजना केवल कागजों पर ही चल रही है, जबकि जमीनी स्तर पर इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। गांव के लोग आज भी पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं, और मजबूरी में हैंडपंप या टैंकर के सहारे जीवन बिता रहे हैं।ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक दोषियों पर सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक इस तरह की योजनाएं केवल भ्रष्टाचार और कमाई का साधन बनी रहेंगी।

गांव में बनी हुई जल संकट की स्तिथि---प्रदेश सरकार की हर घर नल से जल देने की योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में जलसंकट की स्थिति बनी हुई है।गांव-गांव नल जल योजना के तहत पानी टंकी बनाकर पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने की योजना का लाभ ग्रामीणों को समुचित तरीके से नहीं मिल रहा है। सांची जनपद पंचायत के मुड़ियाखेड़ा गांव में इस योजना के तहत नई पाइप लाइन तो बिछाई गई हैं। लेकिन गड्ढे खुले ही छोड़ दिये हैं। साथ ही लोगों को पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नल कनेक्शन भी कहीं दिए गए हैं कहीं नही दिए गए हैं। नल कनेक्शन होने से लोगों को उम्मीद बंध गई थी की उन्हें अब पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। और सुबह वा शाम दोनों समय उन्हें पानी की सुविधा मिलने लगेगी। लेकिन काफी समय होने के बाद भी ग्रामीणों के नल जल योजना का लाभ नही मिल पा रहा है। वहीं गांव में सिर्फ 1 या 2 ही हैंडपंप है उसमें से 1 खराब और दूसरे से कम पानी कम आ रहा है। जिनसे ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में ग्रामीण पानी के लिए दर-दर भटकते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अगर समस्या जल्द ही सही नहीं की गई तो आगे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

पूर्व सीएम के संकल्प पर अफसर फैर रहे पानी---पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 2023 तक सभी गांवों में नल से जल पहुंचाने का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गांवों के विकास के साथ-साथ लोगों के कल्याण के लिए, उनके विकास के लिए भी प्रमुखता से काम किया जा रहा है। सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में नल से जल पहुंचाने का काम बड़े जोर शोर से किया जा रहा है कि महिलाओं को पानी की समस्या से निजात मिलेगी। उन्हें घर पर ही नल से पानी उपलब्ध होगा, कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन मुड़ियाखेड़ा गांव में ऐसा नहीं हो रहा है । पीएचई विभाग के ज़िम्मेदार अधिकारी सरकार की जल जीवन मिशन योजना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। और लाखों रुपए बर्बाद करके निर्माण कार्यों को शो पीस बनाया जा रहा है। जिसकी वजह से गांव की महिलाओं को सुबह से ही पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ रही है। इनका कहना है।

मुड़ियाखेड़ा गांव में नलजल योजना की टंकी को लेकर ग्रामीण ने आपत्ति लगाई थी। उनकी सहमति के बाद काम शुरू किया गया है।अभी टेस्टिंग के लिए कुछ दिन को नलजल योजना शुरू की गई थी। टंकी का थोड़ा बहुत काम अधूरा है। कार्य पूरा करते ही नलजल योजना को दीपावली के बाद पूर्ण रूप से शुरू कर दिया जाएगा। 

गिरीश काम्बले, कार्यपालन यंत्री पीएचई विभाग रायसेन।

8 से 10 दिन ही नलजल योजना की सप्लाई शुरू की गई थी। उसके बाद से बंद पड़ी है। सड़के खुदी हुई पड़ी है। ग्रामवासी पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। ज़िम्मेदार अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी समस्या का समाधान नही हो रहा है।

शफीक खान, उपसरपंच मुड़ियाखेड़ा,

गांव में पानी की समस्या बनी हुई है। रुपये देकर पानी खरीदना पड़ रहा है। नलजल योजना बंद पड़ी है। ग्रामीण परेशान हैं। ठेकेदार को बोलो तो आए दिन झूठे आश्वासन देकर ग्रामीणो को गुमराह करता रहता है। शासन प्रशासन से सुनवाई की मांग की है।

रमेश कुमार, रहवासी मुड़ियाखेड़ा।

 

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28