सांची में मुस्लिम समाज ने वक्फ बिल के विरोध में काली पट्टी बांधकर जताया आक्रोश

वसीम कुरैशी सांची रायसेन। (IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत वक्फ बोर्ड संशोधन' कानून 2025 के खिलाफ मुस्लिम समाज न काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध शुक्रवार की परंपरागत 'जुम्मे की नमाज के बाद संपन्न हुआ, इस विवादास्पद कानून के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।वक्फ बोर्ड, जो मुसलमानों की धार्मिक संपत्तियों के प्रबंधन और संरक्षण का जिम्मेदार है, अब एक नए संशोधन कानून के तहत केंद्र सरकार के अधिक नियंत्रण में आ सकता है। मुस्लिम समाज का कहना है कि यह कानून संविधान के 'अनुच्छेद 25ए 26 और 14' का उल्लंघन करता है, जो धार्मिक 'स्वतंत्रता' की गारंटी देते हैं। मुस्लिम समुदाय का मानना है कि इस कानून के माध्यम से उनकी धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला किया जा रहा है और देश में सामाजिक अस्थिरता फैल सकती है। मुस्लिम समाज के लोग इस कानून के खिलाफ अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हो गए हैं।सांची के मुसलमानों का कहना है,हम किसी भी हालत में अपनी मस्जिद का एक भी इंच नहीं खोने देंगे।
वक्फ हमारे लिए इबादत का स्वरूप है', वक्फ की संपत्तियां गरीबों, बेसहारों और शिक्षा के लिए होती हैं। इन संपत्तियों का सही प्रबंधन और उपयोग मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा के लिए जरूरी है, लेकिन इस संशोधन कानून से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता समाप्त हो जाएगी और यह एक सरकारी संस्था में बदल जाएगा। धारा 40 में संशोधन के तहत अब वक्फबोर्ड के मामलों में कोर्ट में मामला दायर' करना संभव हो जाएगा, जबकि पहले इसका कोई प्रावधान नहीं था। कारी मकसूद साहब ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, सरकार पर विश्वास नहीं किया जा सकता, क्योंकि जो लोग आपको जहर देते हैं, वे उसे शहद कहकर पेश करते हैं।