वृद्ध महिला घर पर पन्नी के सहारे जीवन बिताने को मजबूर, नहीं मिला पीएम आवास योजना का लाभ
-पात्र लोगों को नहीं मिल रहा पीएम आवास योजना का लाभ, आज भी झुग्गी झोपड़ी में रहने को हैं मजबूर
-ज़िम्मेदार अधिकारियों की बेरुखी के चलते परेशान हैं स्थानीय रहवासी
-शासन प्रशासन से लगाई गुहार, नही मिली मदद
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर ख़बर पर पैनी नज़र)
सरकार की योजनाओं के बड़े-बड़े दावे भले ही हर मंच से सुनाई देते हों, लेकिन हकीकत सलामतपुर सुनारी पंचायत के राजीवनगर में रहने वाली वृद्ध महिला विमला बाई के घर जाकर देखी जा सकती है। यहां “सबका साथ, सबका विकास” के बीच विमला बाई आज भी कच्चे घर पर पन्नी डालकर रहने को मजबूर हैं। रायसेन जिले की सलामतपुर सुनारी पंचायत अंतर्गत राजीवनगर में रहने वाली वृद्ध महिला विमला बाई आज भी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। हालात इतने खराब हैं कि उन्हें टूटे-फूटे मकान पर पन्नी डालकर गुजर-बसर करनी पड़ रही है। विमला बाई ने बताया कि उनके पति और बेटे का पहले ही निधन हो चुका है, जिसके बाद वह अकेले जीवन यापन कर रही हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद अब तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला। उनका कहना है कि कई बार शासन प्रशासन से मदद की गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। बारिश के दिनों में उनके घर की छत से पानी टपकता है, जिससे रात गुजारना मुश्किल हो जाता है। मजबूरी में पन्नी के सहारे घर को बचाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन की योजनाएं जरूरतमंदों तक पहुंचनी चाहिए, लेकिन कई पात्र लोग आज भी लाभ से दूर हैं।
गरीब को पक्का घर देने का वादा हो रहा है सफेद हाथी साबित---केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर गरीब को पक्का घर देने का वादा सांची जनपद की कई ग्राम पंचायतों में सफेद हाथी साबित हो रहा है। यहां पिछले दस से पंद्रह वर्षों से अत्यंत गरीब परिवार के लोग अपने घर के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें आज तक उनके पक्का घर नहीं मिल पाया है। इन गरीब मज़दूर वर्ग के लोगों को नए मुख्यमंत्री से कुछ उम्मीद जागी थी कि अब शायद उनको आवास योजना का लाभ शीघ्र ही मिल सकता है। लेकिन अभी भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित हैं।
कच्चे घर में पन्नी चढ़ाकर रह रहे हैं मज़दूर वर्ग के लोग---सांची जनपद के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांवों में अभी तक बहुत से पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। यहां के लोग छप्पर के नीचे या फिर पन्नी डालकर रहने को मजबूर हैं। किसी तरह अपना जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि इसके लिए कई बार शासन प्रशासन से अपील की गई है, लेकिन अभी तक आवास नहीं मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में कुछ ही पीएम आवास योजना के तहत स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा किसी को भी पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। अब सवाल खड़ा होता है जहां प्रदेश सरकार विकसित भारत संकल्प यात्रा निकालकर गांव -गांव शिविर लगा रही है। और विकास करने का ढिंढोरा पीट रही है मगर हकीकत आप यह तस्वीर देखकर अंदाजा लगा सकते हैं।
इनका कहना है।
मेरे पति और लड़क की हादसे में मौत के बाद में अकेली ही रहती हूं। राजीवनगर में कच्ची टपरिया बनाकर रहना पड़ रहा है। बारिश का मौसम आने के पहले ही पन्नी चढ़ाई है। लेकिन उसके बाद भी घर के अंदर पानी टपक रहा है। काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर कभी भी कोई अधिकारी या जिम्मेदार लोग आते ही नहीं है कि हमारी समस्याओं का समाधान हो सके। हम आप के माध्यम से शासन प्रशासन से गुहार लगाते हैं कि जल्दी हमारी समस्याओं का समाधान किया जाए।
विमला बाई, राजीवनगर सलामतपुर।

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