अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे क्रमांक 18 पर बेरखेड़ी चौराहे के पास स्थित कर्क रेखा स्थल आजकल पर्यटकों और राहगीरों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।रोजाना सैकड़ों लोग यहां रुककर सेल्फी लेते हैं और इस स्थान की खासियत को सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। धीरे-धीरे यह जगह एक लोकप्रिय सेल्फी प्वाइंट के रूप में पहचान बना रही है। लेकिन अफसोस की बात यह है कि प्रसिद्धि के बावजूद यहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह लापता है। पूरे क्षेत्र में गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। आसपास गोबर के  ढेर देखने को मिलता है,जो सौंदर्य बिगाड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि “रोजाना सैकड़ों वाहन यहां रुकते हैं, लोग फोटो खिंचवाते हैं, लेकिन कोई सफाई करने नहीं आता। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।” यहां न तो सुरक्षा की कोई व्यवस्था है और न ही शौचालय या कचरा निपटान की सुविधा। जबकि यह स्थान भोपाल और विदिशा जैसे प्रमुख शहरों के बीच पड़ता है, जिससे यहां लगातार पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन इस स्थल की ओर ध्यान दे, तो यह जगह एक सुसज्जित पर्यटन स्थल बन सकती है। फिलहाल, यहां की बदहाल सफाई व्यवस्था और लापरवाही प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है।

क्यों प्रसिद्ध है कर्क रेखा स्थल---कर्क रेखा स्थल इसलिए भी प्रसिद्ध है क्योंकि यहां पर हर वर्ष 21 जून को दोपहर के 12 बजे व्यक्ति को अपनी परछाई भी नहीं दिखती और परछाई भी साथ छोड़ देती है। हम बचपन से यह कहावत सुनते आ रहे हैं कि कोई साथ हो न हो, आदमी का साया हमेशा उसके साथ रहता है, लेकिन 21 जून को कर्क रेखा क्षेत्र में आदमी का साया भी उसका साथ छोड़ देता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कर्क रेखा स्थल पर 21 जून को दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें 90 डिग्री लंबवत पड़ने के कारण खड़े व्यक्ति की परछाई ही नहीं बनती। इसलिए कर्क रेखा क्षेत्र को नो शैडो जोन भी कहा जाता है। जिस कर्क रेखा को हमने बचपन से भूगोल में पढ़ा है और ग्लोब पर जिसे देखा है उस स्थान पर ठहरना अपने आप में एक सुखद अनुभूति है। कर्क रेखा मध्यप्रदेश में भोपाल से 25 किलोमीटर दूर उत्तर से निकलती है। जहां से यह गुजरती है वह स्थान भोपाल विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर रायसेन जिले के सलामतपुर बेरखेड़ी चौराहा के पास स्थित है। कर्क रेखा को चिन्हांकित करने के लिये उस स्थल पर राजस्थानी पत्थरों से चबूतरानुमा स्मारक बनाया गया है। यह स्थान रायसेन जिले का सबसे आर्कषक सेल्फी पाइंट है। यहां से निकलने वाला प्रत्येक व्यक्ति सेल्फी लिए बिना आगे नहीं बढ़ता। यह रेखा पृथ्वी पर उन पांच प्रमुख अक्षांश रेखाओं में से एक है जो पृथ्वी के मानचित्र पर प्रदर्षित की जाती हैं। कर्क रेखा पृथ्वी की उत्तरीय अक्षांश रेखा हैं जिस पर सूर्य दोपहर के समय लम्बवत होता है। 21 जून को जब सूर्य इस रेखा के एकदम ऊपर होता है उत्तरी गोलार्ध में वह दिन सबसे लंबा व रात सबसे छोटी होती है। 

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28