सलामतपुर के डॉ. शरद चंद्र जैन ने ली मुनि दीक्षा, संलेखना पूर्वक ली समाधि; क्षेत्र में शोक व भक्ति की लहर
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी
धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी सलामतपुर के लिए 09 सितंबर 2026 (बुधवार) का दिन अत्यंत ऐतिहासिक, भावुक और अध्यात्म के अनुपम दृश्य का साक्षी बना। सलामतपुर जिला रायसेन के मूल निवासी डॉ. शरद चंद्र जी जैन ने सांसारिक जीवन का त्याग कर आत्म-कल्याण के मार्ग पर अग्रसर होते हुए मुनि दीक्षा अंगीकार की और उसी दिन समता भावपूर्वक संलेखना समाधि मरण को प्राप्त किया। उनके समाधिमरण की खबर फैलते ही पूरे सलामतपुर क्षेत्र और जैन समाज में शोक के साथ-साथ उनके प्रति अगाध भक्ति व श्रद्धा का वातावरण निर्मित हो गया।
सांसारिक मोह-माया से त्याग और संयम का मार्ग--विदित हो कि डॉ. शरद चंद्र जी जैन ने पूर्व में परम पूज्य आचार्य भगवन 108 श्री विभव सागर जी महामुनिराज के मंगल सानिध्य में पहले 'क्षुल्लक दीक्षा' ग्रहण की थी। दीक्षा के उपरांत उनका नामकरण परम वंदनीय क्षुल्लक श्री 105 सत्य सागर जी महाराज के रूप में हुआ था, जिसके बाद से वे निरंतर संयम, तप और साधना के कठिन मार्ग पर चल रहे थे। बुधवार, 09 सितंबर 2026 को आचार्य भगवन के कर-कमलों से उन्होंने 'मुनि दीक्षा' ग्रहण की, जिसके बाद वे मुनि श्री 108 सत्य सागर जी महाराज कहलाए। मुनि दीक्षा ग्रहण कर उन्होंने आत्म-कल्याण के पवित्र और मोक्ष मार्ग को प्रशस्त किया।
शाम को संलेखना पूर्वक हुआ समाधि मरण---दीक्षा ग्रहण करने के पश्चात उसी दिन शाम 5:55 बजे मोराजी सागर में आचार्य श्री 108 विभव सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में परम पूज्य मुनि श्री 108 सत्य सागर जी महाराज ने जैन दर्शन की सर्वोच्च समाधि परंपरा के अनुसार समता भावपूर्वक संलेखना पूर्वक समाधि मरण प्राप्त किया। उन्होंने अत्यंत शांति और वीतरागता के साथ अपने नश्वर शरीर का त्याग किया।
आज सुबह 7 बजे निकलेगी डोला यात्रा--पूज्य मुनि श्री 108 सत्य सागर जी महाराज की अंतिम डोला यात्रा कल दिनांक 10 सितंबर 2026, गुरुवार को प्रातः 07:00 बजे मोराजी सागर से मंगलगिरी सागर के लिए निकाली जाएगी। इसके पश्चात धार्मिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच उनका अंतिम संस्कार व धार्मिक क्रियाएं संपन्न की जाएंगी। सकल जैन समाज एवं धर्मप्रेमी बंधुओं से निवेदन किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पूज्य मुनि श्री के अंतिम संस्कार में सहभागिता करें तथा उनके आत्म-कल्याण की मंगल भावना भाएं।
शोक संतप्त परिवार एवं नमन--मुनि श्री के पूर्व गृहस्थ जीवन के परिवार में उनकी धर्मपत्नी सिंधु रानी जैन, सुपुत्र गौरव जैन सलामतपुर एवं समस्त जैन परिवार इस समय अत्यंत शोकाकुल है। संपूर्ण जैन समाज एवं क्षेत्रीय निवासियों द्वारा पूज्य मुनि श्री 108 सत्य सागर जी महाराज के चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि एवं शत-शत नमन अर्पित किया जा रहा है।






























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