रातातलाई टोला की महिलाएं सड़क और पानी की समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, गांव तक नहीं पहुंच पाती जननी एक्सप्रेस
-महिलाएं बोली अगर शीघ्र ही उचित कदम नहीं उठाए गए तो करेंगे आंदोलन
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
शासन-प्रशासन भले ही गांव-गांव तक सड़कें और हर घर नल से जल पहुंचाने के दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। रायसेन जिले के सांची जनपद के धनियाखेड़ी पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम रातातलाई टोला की महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में मंगलवार को रायसेन कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचीं। बंजारा समाज की इन महिलाओं ने बताया कि उनके गांव में आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। सड़क न होने के कारण गांव में जननी एक्सप्रेस जैसी आवश्यक एंबुलेंस सेवाएं भी नहीं पहुंच पातीं, जिससे गर्भवती महिलाओं को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, बारिश के मौसम में कीचड़ और दलदल के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित होती है। गांव में पीने के पानी की भी गंभीर समस्या है। ग्रामीणों को 3 से 4 किलोमीटर दूर चलकर पानी लाना पड़ता है। गांव में जो हैंडपंप हैं, उनमें से अधिकांश से लाल रंग का अशुद्ध पानी निकलता है, जो पीने योग्य नहीं है। इस भीषण गर्मी में यह स्थिति ग्रामीणों के लिए और भी कष्टदायक हो गई है।महिलाओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए सड़क निर्माण और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगी। ग्रामीणों की इस पीड़ा ने एक बार फिर सरकारी दावों की सच्चाई को उजागर कर दिया है।

युद्धविराम के बावजूद खाड़ी में तनाव जारी, UAE-कुवैत पर हमले और ईरान में विस्फोट
सीजफायर पर भारत की प्रतिक्रिया, अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत
कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?
क्यों मनाया जाता है विश्व होम्योपैथी दिवस? जानें इसका इतिहास
मौसम बदलते ही डायबिटीज मरीजों पर बढ़ता खतरा, ऐसे रखें अपना ध्यान
पूछताछ में वॉर्नर ने स्वीकार की अपनी गलती
डॉ. सुरेंद्र सिंह को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
भारत और बांग्लादेश की कूटनीतिक वार्ता सक्रिय, डोभाल और खलीलुर रहमान की डिनर मीट में चर्चा की उम्मीद
ऑर्गेनिक बाजार में ताजी और बिना केमिकल वाली सब्जियां उपलब्ध
CM ममता बनर्जी का बयान: SIR पर केस जारी रहेगा, 91 लाख वोटरों के नाम हटना चिंता का विषय