​-तीन साल बाद भी अधूरा ओवरब्रिज निर्माण; बारिश में सड़क बनी दलदल, हादसों का शिकार हो रहे राहगीर और स्कूली बच्चे

​-ठेकेदार की लापरवाही से एंबुलेंस और स्कूल वैन के पहिए थमे, ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश; निर्माण एजेंसी पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग

​अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

रायसेन जिले के सांची विकासखंड अंतर्गत मुश्काबाद रेलवे गेट पर बन रहा बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज अब स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए बड़ी आफत बन गया है। लगभग 10 से 12 गांवों के लोगों को रोजाना रेलवे फाटक बंद होने की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से तीन वर्ष पूर्व इस ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया गया था। हालांकि, तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी काम अधूरा पड़ा है। निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की घोर लापरवाही के कारण आज स्थिति यह हो चुकी है कि राहगीरों का निकलना तक दूभर हो गया है।

सड़क पर फैली मिट्टी ने बनाया खतरनाक दलदल--ओवरब्रिज निर्माण के दौरान किनारे से की गई खुदाई की मिट्टी को जिम्मेदार ठेकेदार ने सड़क किनारे ही बेतरतीब ढंग से छोड़ दिया। हाल ही में हुई लगातार बारिश के कारण यह मिट्टी पूरी सड़क पर बहकर आ गई है, जिसने मुख्य मार्ग को एक गहरे दलदल में तब्दील कर दिया है। मार्ग पर फिसलन इतनी बढ़ गई है कि दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। रात के अंधेरे में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, क्योंकि खुदाई वाली जगहों पर न तो कोई सुरक्षा संकेतक लगाए गए हैं और न ही कोई चेतावनी बोर्ड।

स्कूल वैन फंसी, एंबुलेंस का पहुंचना हुआ मुश्किल--सड़क के दलदल में बदलने से सबसे बुरा असर मासूम स्कूली बच्चों, बीमार बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है। कीचड़ के कारण स्कूल वैन गांव तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य चार पहिया वाहन कीचड़ में फंस रहे हैं। ग्रामीणों को मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। दैनिक काम-काज के लिए निकलने वाले ग्रामीण और किसान भी पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं।

सुरक्षा मानकों की सरेआम अनदेखी--निर्माण स्थल पर सुरक्षा के न्यूनतम मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी की ओर से न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही रोशनी का पर्याप्त इंतजाम है। बारिश के कारण फिलहाल काम पूरी तरह बंद पड़ा है, लेकिन ठेकेदार द्वारा फैलाई गई अव्यवस्था का खामियाजा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को रोजाना भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार की इस मनमानी से किसी बड़े हादसे का अंदेशा हर पल बना रहता है।

प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग--क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सड़क पर फैली मिट्टी को तुरंत साफ कराया जाए और मार्ग को आवागमन योग्य बनाया जाए। साथ ही ठेकेदार के खिलाफ समय पर काम न करने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर कड़ा संज्ञान लिया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।​

जनता की आवाज: बदहाली पर फूटा गुस्सा।

​रेल्वे द्वारा जो ओवरब्रिज का काम चल रहा है, वह तीन साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। ठेकेदार ने साइड की मिट्टी खोदकर सड़क पर डाल दी, जिससे सड़क दलदल में बदल गई। मोटरसाइकिल व कार चालक सहित स्कूली बच्चे परेशान हैं। मैंने ठेकेदार को सूचना दी है, उन्होंने एक-दो दिन में समाधान की बात कही है।

रमेश कुमार, सरपंच प्रतिनिधि।

​10 से 12 गांव के ग्रामीण सड़क पर फैली मिट्टी की वजह से भारी परेशान हो रहे हैं। सड़क पूरी तरह दलदल बन चुकी है और रात के समय आए दिन हादसे हो रहे हैं। जिम्मेदार ठेकेदार पर तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

शमीम खान, स्थानीय रहवासी।

​सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों और बीमार या गर्भवती महिलाओं को हो रही है, क्योंकि स्कूल वैन और एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पा रही हैं। कई बार लोग कीचड़ में गिरकर चोटिल हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

इरशाद खान, स्थानीय रहवासी।

 

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28