​अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में आज से शतरंज खेल तकनीक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर आधारित 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आगाज हुआ। इस आयोजन के माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों को शतरंज की बारीक चालें सिखाने के साथ-साथ जीवनभर निरोग रहने के व्यावहारिक सूत्र भी दिए जा रहे हैं।

​शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव एवं सहायक निदेशक (खेल) विवेक पाण्डेय ने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य मानव जीवन का सबसे बड़ा वरदान है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी प्राथमिकता तय करते हुए सबसे पहले अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।

विभिन्न व्यायामों का अंतर और कैलोरी बर्न का गणित समझा--शिविर के पहले ही दिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सहभागिता देखने को मिली। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को जिम, सामान्य कसरत, योग, पैदल चलना, तैरना और जॉगिंग जैसी विभिन्न शारीरिक गतिविधियों के बीच का अंतर विस्तार से समझाया गया। प्रशिक्षकों ने वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर छात्रों को बताया कि किस व्यायाम से कितनी कैलोरी बर्न होती है और शरीर की आवश्यकता के अनुसार कौन सी गतिविधि सबसे अधिक उपयुक्त है।

संतुलित आहार और उपवास के लाभों पर चर्चा--शारीरिक गतिविधियों के साथ-साथ शिविर में पोषण, संतुलित आहार (डाइट) और उपवास (फास्टिंग) के स्वास्थ्यवर्धक परिणामों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उपस्थित प्रतिभागियों ने खान-पान और दिनचर्या से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया। सत्र के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन अनिवार्य रूप से व्यायाम करने का संकल्प लिया।

मानसिक मजबूती का आधार: शतरंज--शिविर में कई विद्यार्थियों ने पहली बार शतरंज के बोर्ड पर मोहरे चलाए और खेल की रणनीतिक चालों को समझा। नवोदित खिलाड़ियों ने माना कि शतरंज न केवल एक खेल है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और निर्णय क्षमता को मजबूत करने का एक बेहतरीन माध्यम है। यह 15 दिवसीय आयोजन खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में मील का पत्थर साबित होगा।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28