गुलगांव में ब्रम्हकुमारी संस्था ने मनाया महिला दिवस, राजयोग और आत्मबल पर चर्चा
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी द्वारा गुलगांव में महिला दिवस मनाया गया। जिसमें गांव की सभी महिला शक्ति ने बढ़-कर कर भाग लिया। महिला दिवस पर देवी मां के मंदिर पर महिलाओं का सम्मान कार्यक्रम रखा गया। रायसेन से पधारी रायसेन सेवा केंद्र इंचार्ज ब्रह्माकुमारी शकुंतला दीदी ने राजयोग ध्यान के माध्यम से अपने आप को कैसे सशक्त बनाएं इस पर कहा महिलाएं अपने आप को कमजोर और निर्बल ना समझे वह खुद अपने आप में एक शक्ति है जो पूरे परिवार में वह समाज में शक्ति निरंतर भरती ही रहती है। परिवार की जड़ महिला पर ही केंद्रित रहती है। विदिशा से पधारी ब्रह्माकुमारी किरण वाला बहन जी ने माता बहनों को ज्ञान कराया। वह किस तरह चलते फिरते गृह कार्य करते हम अपनी लगन और अपनी याद उसे एक निराकार परमपिता परमात्मा से कैसे जोड़े रह सकते हैं। इस पर ध्यान केंद्रित किया एवं माता बहनों को व्यस्त रहते हुए भी अपने आप को मजबूत बनाने अपने आप को संभाल बनाने के मंत्र दिए। एवं सांची ब्रह्माकुमारी से सेवा केंद्र इंचार्ज बीके रीको भारती दीदी ने कहां की हम सिर्फ एक ही दिन क्यों महिला दिवस मनाए हमारे सभी दिन महिला दिवस ही है। क्योंकि महिलाओं के बिना माता बहनों के बिना घर परिवार यह संसार अधूरा है। क्योंकि इसकी चलाने की शक्ति सिर्फ मां शक्ति नहीं है। हम दुर्गा देवी से शक्ति मांगते हैं लक्ष्मी जी से धन मांगते हैं सरस्वती जी से विद्या मांगते हैं। सभी यह देवियां सिर्फ मंदिरों में नहीं हमारे घरों में भी विराजमान है। हमारे परिवारों में एक-एक देवी समान है हर महिला अपने आप को परिवार की देवी समझ कर चले तो पूरा परिवार और घर स्वर्ग समान हो जाएगा। परिवार के सभी सदस्य भी देव तुल्य हो जाएंगे और जहां देवता रहते हैं उसे स्थान को स्वर्ग कहा जाता है इस दुनिया को स्वर्ग बनाने में नारी शक्ति का ही सबसे बड़ा आधार है नारी शक्ति ही स्वर्ग का द्वार है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं रही मौजूद--गुलगांव में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रही। कार्यक्रम में कहा गया कि नारी ही शिव की शक्ति है इसीलिए हम उसे शिव शक्ति कहते हैं शिव वह निराकार परमपिता परमात्मा की शक्ति नारी ही है और नारी को भी शक्ति शिव से ही मिलती है। दोनों ही एक दूसरे के पूरक हैं तो हम सभी माताए बहने अपने आप को शरीर न समझ आत्मा समझकर उसे निराकार परमपिता परमात्मा से शक्ति लेनी है। आज के इस आधुनिक समय में नई जितनी मल्टी वर्कर हो गई है जितनी उसकी शक्तियों का आह्वान किया है। उतनी और सशक्त बनती जा रही है। नारी शक्ति अपने आप को विभिन्न वर्गों में भी विभाजित होते हुए भी अपने जिम्मेदारियां को पूरा कर रही है। पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले जिन्होंने नारी को पढ़ने के लिए पहले बालिका पाठशाला खोली और पहले गर्ल्स हॉस्टल की आधारशिला रखी। सावित्रीबाई फुले ने सभी वर्ग की बालिकाओं को महिलाओं को पढ़ने के लिए उत्साहित किया वह इस कार्य को बखूबी आगे बढ़ाया जिससे आज हमारे समाज में सभी महिलाएं शिक्षित हो रही है और सशक्त बना रही हैं। और नित्य नए कीर्तिमान स्थापित किया जा रहे हैं। कार्यक्रम में आए ब्रह्मा कुमार राम जी भाई ने संस्था संस्था के उद्देश्य से अवगत कराया। वह सभी का सम्मान किया।कार्यक्रम में उपस्थित सराठे जी ने सभी मुख्य अतिथियों का शाल श्रीफल वा माला अर्पण कर सबका सम्मान किया। और सभी माता बहनों को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में सभी माता बहनों ने बढ़ चलकर इसमें भाग लिया।

ट्रंप ने दिया शांति का संकेत, होर्मुज पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होने पर भी युद्ध स्थगित
जहां चुनावी जीत में शामिल है जादू, भारत का अनोखा शहर
2047 के विकसित भारत के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों के दिलवाए 5 संकल्प
पीएम आवास निर्माण में देश में अव्वल होने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया हर्ष
उद्योग मंत्री देवांगन ने तिलक नगर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
आसमान में मंडराता खतरा: मिडिल-ईस्ट संघर्ष का भारत पर असर
कृषि बजट में 90 हजार करोड़ का प्रावधान, किसानों के कल्याण के लिए समर्पित है सरकार : उप मुख्यमंत्री देवड़ा
आशुतोष पर लगी सबसे बड़ी बोली, एमपीएल ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला