अदनान खान ​सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

मानसून की दस्तक के साथ ही जहां गुलगांव रोड के आसपास की प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली लोगों का मन मोह रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क किनारे जलभराव के कारण जानलेवा हालात पैदा हो गए हैं। बारिश के पानी से लबालब भरे गहरे गड्ढे इस समय मासूम बच्चों के लिए किसी बड़े खतरे से कम साबित नहीं हो रहे हैं। अनजान बच्चे पानी की गहराई और उसके नीचे छिपे जोखिमों से बेखबर होकर इन गड्ढों में न केवल नहा रहे हैं, बल्कि अपनी जान जोखिम में डालकर खतरनाक अठखेलियां भी कर रहे हैं। किसी भी क्षण बच्चों का यह खेल एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता है।

अतीत के हादसे भी नहीं बने सबक--क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव और गहरे पानी को लेकर क्षेत्र का इतिहास बेहद चिंताजनक रहा है। बीते वर्षों में बारिश के दिनों में सलामतपुर और आसपास के आधा दर्जन से अधिक छोटे-बड़े जलाशयों व ताल-तलैया में डूबने की कई दुखद घटनाएं घटित हो चुकी हैं। इन हादसों में कई परिवारों ने अपने चिराग खोए हैं। इसके बावजूद, सड़क किनारे बने इन जानलेवा गड्ढों और जल स्रोतों के पास न तो सुरक्षा का कोई घेरा बनाया गया है और न ही बच्चों को वहां जाने से रोकने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम दिखे हैं। जिम्मेदार विभागों और स्थानीय प्रशासन की यह अनदेखी किसी बड़े हादसे का इंतजार करती प्रतीत हो रही है।

जागरूक ग्रामीणों की अभिभावकों से अपील--क्षेत्र के सजग नागरिकों ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए बच्चों के परिजनों और अभिभावकों से विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया है। ग्रामीणों ने अपील की है कि बच्चों को किसी भी हाल में अकेले नदी, तालाब, पोखर या पानी से भरे गड्ढों की तरफ न जाने दें।बारिश के दौरान पानी में छिप जाने वाली गहराई और कीचड़ के कारण जलभराव के स्थान अत्यंत खतरनाक होते हैं।​अभिभावक अपने स्तर पर बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें, क्योंकि पल भर की लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे सकती है।

प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग--स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों से मांग की है कि गुलगांव रोड के किनारे स्थित इन खतरनाक गड्ढों को तुरंत भरवाया जाए अथवा उनके चारों ओर चेतावनी बोर्ड व बैरिकेडिंग लगाकर बच्चों की पहुंच को रोका जाए, ताकि किसी अनहोनी को समय रहते टलाया जा सके।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिट इन चीफ IND28