सेमरा मदरसे में हुआ सालाना जलसे का आयोजन, बच्चों ने हम्द, नात व तकरीर की पेश
3 हाफिजों की दस्तारबंदी की गई।
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
सांची जनपद क्षेत्र के अंतर्गत सेमरा रेलवे स्टेशन स्थित जामिया अरबिया मदरसातुल अबरार मदरसे में रविवार को सालाना जलसा का आयोजन किया गया। यह जलसा कार्यक्रम सेमरा रेलवे स्टेशन के पास आयोजित किया गया। इस जलसा दस्तारबंदी में 3 हाफिजों की दस्तारबंदी की गई। दस्तारबंदी के साथ ही मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों ने हम्द नात तकरीर पेश की। इसके पश्चात जलसा में शामिल हुए उलमाओं की तकरीर हुई। जिसमें उन्होंने कहा कि हिफ्जे कुरान की दौलत दुनिया की सबसे बड़ी दौलत है।कुरान के पढ़ने और पढ़ाने वाले दोनों खुशनसीब हैं। कुरान एक ऐसी किताब है जो पूरी दुनिया के लिए हिदायत है। इस दौरान क्षेत्र भर के बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित रहे। आसिर की नमाज के बाद दुआ के साथ जलसे का समापन हुआ। बता दें कि सालाना जलसे में दूर-दूर से आए उलेमा कार्यक्रम में शामिल हुए। जिनमें जनाब मोहम्मद तसव्वुर साहब फलाही दमत बाराकातोहु नाजिम जमाई इस्लामिया बुखारी इंदौर ,रुकने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड। हजरत मौलाना इकरार साहब प्रिंसिपल रहमानिया एकेडमी शाजापुर एमपी हजरत मौलाना ताहिर साहब नदवी इमाम खतीब मस्जिद चिड़ियाखाना गोलघर शाहजहानाबाद भोपाल हजरत मौलाना मोहम्मद यूसुफ साहब फारूकी तजवीद उल कुरान मंडी बामोरा एवं बड़ी संख्या में क्षेत्र भर के मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। वहीं असिर की नमाज के बाद दुआ के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ और इस दौरान जिन 3 बच्चों ने हाफिज़े कुरान मुकम्मल कर लिया उनको डिग्री व इनाम भी दिए गए।
इनका कहना है।
ये जलसा दुनिया में रह रहे हर शख्स को जोड़ने की मेहनत है। इसमें सभी को एकता के साथ पैगाम दिया जाता है। जिसमें इंसानियत ज़िंदा रखने वाली बातों को यहां सिखाया जाता है। मदरसे के 3 बच्चों ने कुरान पाक मुकम्मल कर लिया है। और यहां अध्यनरत बच्चों को भी यही शिक्षा दी जाती है उर्दू अरबी के साथ हिंदी और अंग्रेजी भी पढ़ाई जाती है पढ़ाई करने वाले बच्चों का खाना पीना रहने का खर्च मदरसा का खर्च मदरसा कमेटी उठाती है।
मुमताज अली खान स्थानीय रहवासी।
ये मदरसे का सालाना जलसा होता है। इस जलसे में जो बच्चे यहां रहकर साल भर पढ़ाई करते हैं। उनका जब कुरान पाक मुकम्मल हो जाता है तो उनको डिग्री और इनाम दिए जाते हैं। और उमलाओं को बुलाकर बयान भी कराए जाते हैं।
कारी ईशाक साहब, मदरसा संचालक सेमरा।

