SOS ने बाल विवाह रोकने नुक्कड़ नाटक से किया जागरूक, कार्यक्रम में 400 बच्चों सहित महिलाएं हुई शामिल
-सलामतपुर के सरकारी स्कूल में आयोजित किया कार्यक्रम
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
बाल विवाह आज भी समाज में व्याप्त एक गंभीर समस्या है, जो बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को गहरा आघात पहुंचाती है। इसे समाप्त करने के लिए सरकार और सामाजिक संगठनों द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में एक प्रभावशाली कदम उठाते हुए एसओएस के परिवार शसक्तिकरण के माध्यम से ग्राम सलामतपुर के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें लगभग 300 बच्चें व 100 महिलाएं शामिल हुईं। कार्यक्रम में बाल विवाह रोकथाम के विषय में जानकारी दी गई एवं कानूनी प्रावधान के बारे में विस्तार से चर्चा की गई बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई एवं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से एक संदेश देने का प्रयास किया गया। इस कार्यक्रम में संजय सिंह बचपन एनजीओ, वंदना जी, सुनारी सरपंच प्रतिनिधि शेरसिंह राजपूत एवं अक्षय गोयल प्रिंसिपल सरकारी स्कूल, एसओएस संस्था से प्रमेन्द्र तिवारी, स्वप्निल जगताप एवं अब्दुल सलीम मौजूद थे।
बाल विवाह प्रथा बच्चों के विकास में उत्पन्न करती है बाधा--कार्यक्रम में अधिकारी ने बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि यह प्रथा न केवल बच्चों के विकास में बाधा उत्पन्न करती है, बल्कि उन्हें उनके अधिकारों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर काम करना होगा। शपथ ग्रहण समारोह में अधकारियों ने बाल विवाह निषेध अधिनियम का सख्ती से पालन करने और इसके खिलाफ समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, उन्होंने यह वादा किया कि संदिग्ध मामलों की जानकारी मिलने पर वे तुरंत कार्रवाई करेंगे और जरूरतमंद परिवारों को उचित सहायता प्रदान करेंगे। अधकारियों ने कहा कि यह सिर्फ एक शपथ नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प है। उन्होंने युवाओं और समुदायों से इस मुहिम में शामिल होकर बाल विवाह रोकने के अभियान को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सभी मिलकर इस दिशा में कार्य करेंगे, तो इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। अभियान के तहत, आने वाले दिनों में विभिन्न गांवों और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में बाल विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी और बाल विवाह रोकने के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर व शिकायत केंद्रों की जानकारी साझा की जाएगी। इस तरह की पहले न केवल बाल विवाह जैसी समस्याओं को खत्म करने में मददगार साबित होती हैं, बल्कि एक प्रगतिशील और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में भी सहायक होती हैं। अब यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस संकल्प को धरातल पर उतारें और बच्चों को उनके अधिकार, शिक्षा और सपनों से भरपूर जीवन जीने का अवसर प्रदान करें।

