भीषण गर्मी में जल संकट: बनखेड़ी गांव में नल जल योजना बनी परेशानी का सबब, योजना के नाम पर रखी प्लास्टिक की टंकी
-स्थानीय ग्रामीण 2 किमी दूर से पानी लाने को मजबूर
-शासन प्रशासन से समस्या के समाधान की लगाई गुहार
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
सांची जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सेमरा के बनखेड़ी गांव में वर्ष 2022 में शुरू हुई नल जल योजना ग्रामीणों के लिए राहत की बजाय मुसीबत बन गई है। योजना के तहत ठेकेदार द्वारा गांव में मात्र 5000 लीटर की प्लास्टिक की टंकी लगाई गई है, जो ग्रामीणों की दैनिक जल आवश्यकता को पूरा करने में पूरी तरह असमर्थ है। गांव में इन दिनों तेज गर्मी पड़ रही है और वहीं बिजली की भारी कटौती ने हालात और बदतर कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली गायब रहती है, जिससे टंकी में पर्याप्त पानी भर नहीं पाता। परिणामस्वरूप, टंकी से सीमित मात्रा में ही जल आपूर्ति हो पाती है और बड़ी संख्या में ग्रामीणों को पानी से वंचित रह जाना पड़ता है।
2 किलोमीटर दूर से ला रहे हैं पानी--इस संकट के चलते ग्रामीणों को मजबूरन दो किलोमीटर दूर खेतों से पानी लाना पड़ रहा है। अधिकतर लोग मजदूरी करते हैं, ऐसे में सारा दिन पानी भरने में ही निकल जाता है जिससे उनकी रोज़ी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है। गांववासियों ने ठेकेदार और पीएचई विभाग की लापरवाही को इस संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि योजना के नाम पर केवल दिखावटी काम हुआ है और किसी ने भी गांव की वास्तविक आवश्यकताओं का ध्यान नहीं रखा।
समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से लगाई गुहार--
बनखेड़ी गांव के सैंकड़ों ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके और जल संकट से निजात पाई जा सके। क्योंकि पानी की समस्या के कारण मज़दूर वर्ग के लोग मजदूरी करने नही जा पा रहे हैं। उनका पूरा समय पानी भरने में ही निकल जाता है।
इनका कहना है।
पानी की समस्या के चलते मेरे बच्चे भी स्कूल नहीं जा पाए और ना ही वह पेपर दे पाएं। मेरे परिवार में 6 सदस्य हैं जिनमें से तीन बच्चे हैं वह मेरे साथ ही पानी भरने में लगे रहते हैं। इसके अलावा मेरे पास मवेशी भी है जो चार दिन से पानी नहीं मिलने के कारण प्यासे हैं। इस बीच अगर गाय मर गई तो गऊ हत्या हमको लगेगी। नल जल योजना की पाइपलाइन भी सही नहीं डाली गई है। जिसकी वजह से हम लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
वैजयंती बाई, स्थानीय महिला बनखेड़ी।
नल जल योजना की टंकी नहीं बनाई गई है बल्कि उसकी जगह प्लास्टिक की की टंकी रखी गई है। 2022 में नल जल योजना शुरू हुई थी।। ठेकेदार द्वारा सही काम नहीं करने की वजह से ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। मोटर की डीपी भी नहीं रखी गई है। ग्रामीणों को कभी पानी मिलता है कभी नहीं मिलता है। जिसकी वजह से गर्मी में पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे भ्रष्टाचारी ठेकेदार पर शासन द्वारा कार्रवाई की जाए।
कमलेश, स्थानीय ग्रामीण बनखेड़ी गांव।
पानी की गांव में इतनी समस्या हो रही है कि हमें 2 किलोमीटर दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। बच्चों को घर पर छोड़कर जाते हैं। जिसकी वजह से बहुत परेशानी हो रही है। मेहनत मजदूरी करने भी नहीं जा पा रहे हैं। नल जल योजना को बंद हुए 2 महीने हो गए हैं। टंकी भी प्लास्टिक की 5000 लीटर की रखी गई है जबकि यहां पर टंकी का निर्माण किया जाना चाहिए था जो कि नहीं हुआ है।
शाइस्ता बी, स्थानीय महिला बनखेड़ी।

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