​40 किलोमीटर मार्ग में जानलेवा गड्ढे: टोल वसूलने के बाद भी मरम्मत के नाम पर सिर्फ लीपापोती, एमपीआरडीसी मौन

​अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

​भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 की स्थिति पहली ही बारिश में बद से बदतर हो चुकी है। भानपुर भोपाल से लेकर चोपड़ा, भदभदा, दीवानगंज, बेरखेड़ी चौराहा और सलामतपुर त्रिमूर्ति चौराहे तक पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। आलम यह है कि 40 किलोमीटर के इस पूरे पैच पर अब सड़क ढूंढनी पड़ रही है। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए यह सड़क अब एक जानलेवा सफर साबित हो रही है। सबसे बुरी हालत दोपहिया वाहन चालकों की है, जो आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।

मरम्मत के नाम पर घटिया सामग्री का खेल--स्थानीय नागरिकों और राहगीरों का आरोप है कि हाल ही में टोल प्रबंधन द्वारा हाईवे की रिपेयरिंग और पेंचवर्क का काम कराया गया था। लेकिन इसमें बेहद घटिया और गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया। रिपेयरिंग के नाम पर केवल कच्चा मटेरियल (डस्ट और गिट्टी) डालकर औपचारिकता पूरी कर ली गई। जैसे ही मानसून की पहली बारिश हुई, सारा कच्चा मटेरियल बह गया और सड़क पर गहरे-गहरे गड्ढे फिर से उभर आए। प्रशासन और टोल प्रबंधन की इस लापरवाही से आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। 

टोल दरें बढ़ीं, लेकिन सुविधाएं शून्य--भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर टोल टैक्स 1 सितंबर 2023 से संशोधित (बढ़ी हुई) दरों के साथ टोल टैक्स वसूला जा रहा है।हल्के कमर्शियल वाहन: ₹65

​ट्रक (खाली/भरा): ₹165,मल्टी-एक्सल वाहन: ₹325 व्यावसायिक वाहनों से हर महीने लाखों रुपये टोल टैक्स के रूप में वसूले जा रहे हैं, लेकिन सुविधाओं और सड़क की सुरक्षा के नाम पर शून्य काम हो रहा है। टोल टैक्स वसूलने के बावजूद मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन एमपीआरडीसी का गैर-जिम्मेदाराना रवैया लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से गुणवत्तापूर्ण पेंचवर्क और डामरीकरण कराया जाए, ताकि हादसों पर लगाम लगाई जा सके और आम जनता को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।

प्रतिदिन 10 हजार वाहनों का भारी दबाव--भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे मध्य प्रदेश के प्रमुख मार्गों में से एक है। इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग 10,000 छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। यह हाईवे यूपी, दिल्ली, मुंबई, गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ता है।हाईवे से चौबीसों घंटे क्षमता से अधिक माल लादे ओवरलोडेड ट्राले और भारी ट्रक गुजरते हैं। गड्ढों के झटकों के कारण कई भारी वाहन बीच रास्ते में ही खराब हो जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है।

​पानी भरे गड्ढे बने अदृश्य खतरे: बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर जाता है। दोपहिया चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाज़ा नहीं लग पाता। जैसे ही बाइक का अगला पहिया गड्ढे में जाता है, वाहन अनियंत्रित होकर गिर जाता है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों में भारी रोष।

​घटिया सामग्री का उपयोग हुआ, टोल कंपनी पर हो कार्रवाई

​भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे पर 40 किलोमीटर के दायरे में सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं। पहली बारिश में ही सड़क का घटिया निर्माण सामने आ गया। पेंचवर्क में खानापूर्ति की गई, जिससे तेज बारिश में सब बह गया। छोटे वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। ऐसी लापरवाही बरतने वाली टोल टैक्स कंपनी पर तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"

​रघुवीर मीणा, सरपंच, रातातलाई

लाखों की वसूली, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी मौन।

​टोल टैक्स कंपनी कमर्शियल वाहनों से हर महीने लाखों रुपये वसूल रही है। इसके बावजूद पूरे 40 किलोमीटर लंबे मार्ग का बुरा हाल है। बारिश में यह सड़क हादसों का पॉइंट बन गई है। एमपीआरडीसी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदकर बैठे हैं और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।"

​कैलाश गोस्वामी समाजसेवी, रातातलाई सलामतपुर।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28