स्विटज़रलैंड के प्रो. निकोला पोज़ा का विशिष्ट व्याख्यान

-साँची विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस पर विशेष चर्चा 

-स्विटज़रलैंड के लाउज़ेन विश्वविद्यालय से आएं प्रो.पोज़ा

-हिमालय-उत्तराखंड की प्राकृतिक आपदाओं पर शोध

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

सलामतपुर स्तिथ साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में हिंदी सप्ताह में  स्विटज़रलैंड के लाउज़ेन विश्वविद्यालय के प्रो. निकोला पोज़ा का व्याख्यान हुआ।  हिंदी में बोलते हुए प्रो पोज़ा "उत्तर भारतीय हिमालय में पर्यावरणीय आपदाएँ और हिंदी यात्रा वृतांतों में उनका चित्रण" पर बोले। प्रो. पोज़ा ने हिंदी में किसी आम हिंदी भाषी भारतीय की तरह सहजता से चर्चा की।  प्रो. निकोला ने पर्यावरणविद शेखर पाठक, अजय सोडानी, अनिल यादव और श्री सैनी के यात्रा वृतांतों का अध्ययन कर जानने की कोशिश की है कि उत्तराखंड और हिमालय के अन्य हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं का कारण क्या है। इन प्राकृतिक आपदाओं से यहां रहने वाले आम नागरिक कैसे जूझते हैं। प्रो. निकोला पोज़ा ने यह भी बताया कि इन इलाकों के रहने वाले लोगों के पास प्राकृतिक विपदा के पूर्वानुमान के अपने अनुभव हैं। जो वैज्ञानिक नहीं होने के बाद भी कारगर हैं। प्रो. पोज़ा ने कहा कि इन अनुभवों का ध्यान रख हम बड़े स्तर पर जान-माल को सुरक्षित रख सकते हैं।प्रो. पोज़ा ने 1870 से 2020 के बीच हिमालय पर लिखे गए कई यात्रा वृतांतों का अध्ययन भी किया है। उन्होंने राहुल सांस्कृत्यन और एस.आर हरनोट के यात्रा वृतांत का भी ज़िक्र किया। जब प्रो. निकोला पोज़ा से पूछा गया कि उनका हिंदी प्रेम कैसे विकसित हुआ.....तो उन्होंने बताया कि स्विटज़रलैंड में भारतीय विद्या का अध्ययन करने के लिए उन्होंने संस्कृत पढ़नी शुरू की जिसके बाद उनका परिचय हिंदी से हुआ। हिंदी के उपन्यास पढ़ने के बाद उन्हें हिंदी से प्रेम हो गया। 

विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल सिद्धार्थ ने बताया कि प्रो. निकोला पोज़ा ने फ्रांस के बच्चों के लिए हिंदी की कई किताबें भी तैयार की हैं। इस परिचर्चा में प्रो. पोज़ा से कई अन्य रोचक सवाल भी किए गए। प्रो. पोज़ा ने कहा कि वे भारतीय आध्यात्म का भी अध्ययन कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. वैद्यनाथ लाभ ने की और उन्होंने प्रो. निकोला पोज़ा के हिंदी में शोध पर उन्हें बधाई दी। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संतोष प्रियदर्शी ने दिया । हिंदी सप्ताह में विश्वविद्यालय में निबंध प्रतियोगिता और कविता पाठ भी आयोजित हैं। 

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28