रतनजोत के बीज खाने से 7 बच्चे बीमार, सांची में प्राथमिक उपचार फिर विदिशा रेफर
-सभी बच्चों की उम्र 9 से 12 वर्ष के बीच
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
रायसेन जिले के सलामतपुर चौराहे के पास एक चिंताजनक घटना सामने आई है। जहां रतनजोत के बीज खाने से सात बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी और चक्कर आने की शिकायत होने लगी, जिसके बाद घबराए परिजन उन्हें तुरंत सांची अस्पताल लेकर पहुंचे।मिली जानकारी के अनुसार, जब 9 से 12 वर्ष की उम्र के ये बच्चे खेल-खेल में शनिवार शाम को रतनजोत के बीज खा बैठे। इसी दौरान रात में 10:00 बजे के आसपास तबीयत बिगड़ी परिजन सांची अस्पताल लेकर पहुंचे बच्चों को उल्टी और चक्कर आ रहे थे। सांची सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चों का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी हालत को देखते हुए उन्हें विदिशा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। रतनजोत के बीज जहरीले होते हैं और इनके सेवन से उल्टी, चक्कर और पेट दर्द जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और लोगों से अपील की है कि बच्चों को इस तरह के जहरीले बीजों से दूर रखें। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है। और उनकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।
ये बच्चे हुए हैं बीमार--रतनजोत के जहरीले बीज खाने से शिवानी पुत्री राजकुमार उम्र 12 वर्ष, नमन पुत्र रंजीत सिंह उम्र 9 वर्ष, एंजिल पुत्र रंजीत सिंह 11 वर्ष, लक्ष्मी पुत्री संतोष 12 वर्ष, रमन पुत्र संतोष 9 वर्ष, सुमित पुत्र शेर सिंह उम्र 11 वर्ष और प्रीति पुत्री घनश्याम उम्र 10 वर्ष बीमार हुए हैं। वहीं प्रीति ने बताया कि हम सभी ने शाम के समय खेलते खेलते मूंगफली के जैसे दिखने वाले बीजे खा लिए थे। जो स्वाद में मीठे लग रहे थे। लेकिन रात के समय हमारी तबियत खराब होने लगी और उल्टियां होने लगीं। तब परिवार वाले सांची सिविल अस्पताल ले भर्ती करने ले आए।

शहीद के संघर्ष और बलिदान की गाथा भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा : राज्यपाल पटेल
चंबल के कछुए बने नमामि गंगे मिशन में मां गंगा के ‘प्राकृतिक सफाई-योद्धा’
अवैध खनन के मामले मेें जेसीबी सहित 5 वाहन जब्त
सरायपाली सीएचसी में सुरक्षित मातृत्व की ओर महत्वपूर्ण उपलब्धि तीसरा सफल सिजेरियन
काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित हुई विश्व की प्रथम “विक्रमादित्य वैदिक घड़ी”