बैंक मैनेजर और चपरासी की घूसखोरी का खुलासा, CBI की कार्रवाई
सीबीआई लखनऊ की टीम ने शुक्रवार को 3500 रुपये घूस लेते बरियारपुर थाना क्षेत्र के रामपुर अवस्थी स्थित बड़ौदा यूपी बैंक शाखा के प्रबंधक व प्राइवेट चपरासी को गिरफ्तार कर लिया। केसीसी ऋण देने के नाम पर किसान से पांच हजार रुपये की मांग की थी। दोनों की गिरफ्तारी के बाद बैंक में खलबली मची रही। देर रात तक सीबीआई दोनों से पूछताछ कर रही थी।
बरियारपुर थाना क्षेत्र के लगड़ा गांव के रहने वाले रामभरोसा गुप्ता किसान हैं। उन्होंने अगस्त माह में केसीसी के लिए बड़ौदा यूपी बैंक की शाखा रामपुर अवस्थी में आवेदन किया। पहली किस्त 55 हजार रुपये की खाते में भेज दी गई। इसके बाद एक लाख रुपये खाते में भेजा गया, लेकिन होल्ड कर दिया गया।
आरोप है कि शाखा प्रबंधक प्रिंस जायसवाल ने प्राइवेट चपरासी अनूप कुमार के माध्यम से पांच हजार रुपये की मांग की। किसान रामभरोसा बैंक में दौड़ते रहे, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। उनके बेटे मनीष ने भी शाखा प्रबंधक से मुलाकात की, लेकिन बात नहीं बन पाई। इसके बाद मनीष ने चार दिन पहले सीबीआइ से शिकायत की। जिसके बाद सीबीआई के लखनऊ थाने में एक दिन पहले मुकदमा दर्ज हुआ और सीबीआइ के डीएसपी अमित राठी के नेतृत्व में सीबीआइ टीम दोपहर को बैंक शाखा पहुंची।
केमिकल लगे 3500 रुपये चपरासी को दिये
मनीष ने केमिकल लगे 3500 रुपये प्राइवेट चपरासी अनूप को दिया। सीबीआई टीम ने वैसे ही उसे दबोच लिया। आरोपी प्राइवेट चपरासी अनूप ने बताया कि वह रुपया शाखा प्रबंधक प्रिंस जायसवाल को देना है। सीबीआई ने शाखा प्रबंधक को भी गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई के डीएसपी ने बताया कि चपरासी व शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ की जा रही है।

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