ग्वालियर, जबलपुर और रीवा को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में किया जाएगा विकसित
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में करीब ढाई घंटे की चर्चा के बाद भोपाल-इंदौर के लिए लाए गए मेट्रोपॉलिटन एक्ट को सभी की सहमति से पास कर दिया गया. विधेयक पर चर्चा के दौरान नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भोपाल-इंदौर के बाद प्रदेश के ग्वालियर, जबलपुर और रीवा को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा.
परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मेट्रो, मोनो रेल और रोपवे पर किया जाएगा काम
मंत्री ने कहा कि दोनों शहरों में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मेट्रो, मोनो रेल और रोपवे जैसी सुविधाओं पर काम किया जाएगा. इसी को ध्यान में रखकर इंदौर की मेट्रो को उज्जैन तक ले जाने का निर्णय किया है. विपक्ष की आशंकाओं को लेकर कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह साफ है. भोपाल और इंदौर के सीमावर्ती जिलों का भी इस एक्ट में ध्यान रखा जाएगा. हम इसका परीक्षण कराएंगे. सभी विधायक इस एक्ट को एक बार फिर अच्छे से पढ़ लें, यदि एक्ट में कुछ गलती होगी तो हम फिर इसमें सुधार कर लेंगे.
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा "इस बिल को लाने के पहले देश की सभी मेट्रोपॉलिटन सिटी एक्ट का अध्ययन किया गया है. देश के बाकी मेट्रोपॉलिटन से सबक लेकर ही हमने मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी का अध्यक्ष मुख्यमंत्री को बनाया है. इसमें विधायक, सांसद, महापौर से लेकर नगरीय निकायों के पार्षदों, जनपद पंचायत अध्यक्ष को भी शामिल किया जाएगा. विपक्ष द्वारा जितनी भी शंकाएं हैं, उनका समाधान इस एक्ट में दिया गया है."

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