हाई कोर्ट ने मंत्री के जाति प्रमाण पत्र को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
जबलपुर|मध्यप्रदेश की नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री और विधायक प्रतिमा बागरी को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट ने मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया. यह याचिका कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार द्वारा दायर की गई थी|
‘उचित फोरम पर जाकर आवेदन कर सकते हैं’
हाई कोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता याचिका दायर करने के अधिकार को संतोषजनक ढंग से स्थापित नहीं कर सके. इस पर लंबी बहस के बाद याचिकाकर्ता की ओर से याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को स्वतंत्रता दी है कि वह उचित फोरम पर जाकर अपना आवेदन दे सकता है|
याचिका में कहा था- बागरी को राजपूत माना जाता है
दरअसल याचिका में कहा गया था कि 27 अक्टूबर 2018 को एसडीओ, नागोद जिला सतना द्वारा प्रतिमा बागरी को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया था. याचिकाकर्ता का तर्क था कि महाकौशल, बुंदेलखंड और बघेलखंड अंचल के सतना, पन्ना, जबलपुर और सिवनी जिलों में बागरी समुदाय को राजपूत वर्ग में माना जाता है, जबकि निमाड़ और मालवा क्षेत्र के उज्जैन, इंदौर, रतलाम और मंदसौर जिलों में यह समुदाय अनुसूचित जाति श्रेणी में शामिल है. इसी आधार पर आरोप लगाया गया कि सतना जिले की निवासी होने के बावजूद प्रतिमा बागरी ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रैगांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और विजय हासिल की|






























भारत-जर्मनी संबंध होंगे और मजबूत, PM मोदी ने चांसलर के साथ सहयोग बढ़ाने पर की चर्चा
बिजली चोरी करने वालों पर कसा शिकंजा, जबलपुर में तीन आरोपी गिरफ्तार
रेलवे कुश्ती दंगल का खिताब उत्तर रेलवे के नाम, शानदार प्रदर्शन से जीती चैंपियनशिप
MP में सेवा संकल्प अभियान का बड़ा प्लान तैयार, अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारियां सौंपी गईं
‘हनुमान अंश’ की विदेशों में भी धूम, नॉर्थ अमेरिका में रिलीज से पहले ही करीब 1 करोड़ की कमाई
खुदरा खरीद से सोने की कीमतों में तेजी, तीन दिन की गिरावट का सिलसिला टूटा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को लेकर रखी सरकार की सोच, समृद्धि पर दिया जोर
बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 11 सितंबर से लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी प्रभावित
नाबालिग लड़की के उत्पीड़न पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश