राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने की जनसुनवाई
भोपाल: मध्य प्रदेश में बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए दौड़ में नेता कई थे, लेकिन करीब 6 महीने पूर्व से निर्धारित हेमंत खंडेलवाल के नाम के साथ सबसे बड़ा झटका पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को लगा है. जो इस दौड़ के सबसे कद्दावर नेता माने जा रहे थे. हालांकि ये पहला मौका नहीं है कि सजी थाली उनके आगे से गई है. इसके पहले 2020 में भी मध्य प्रदेश में हुई सत्ता पलट के सूत्रधार बताए गए नरोत्तम मिश्रा का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए उछाला गया था, लेकिन आस निरास होने में समय नहीं लगा.
अबकी बार भी ये माना जा रहा था कि पूर्व मंत्री ने इस पद के लिए पूरी ताकत झौंक दी है. 5 साल बाद एक बार फिर नरोत्तम मिश्रा की सियासत में टर्निंग पाइंट आते आते रह गया. लंबे समय से संगठन में पुर्नवास की बाट जोह रहे मिश्रा के लिए अब आखिरी मौका पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का है. सवाल ये कि क्या उन्हें मौका मिल पाएगा.
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री हंसराज गंगाराम अहीर एवं आयोग के सदस्य श्री भुवन भूषण कमल ने शुक्रवार को प्रदेश की पिछड़ा वर्ग सूची में सम्मिलित 32 जातियों को मध्यप्रदेश राज्य की केन्द्रीय सूची में सम्मिलित करने के लिए राजकीय अतिथि गृह (वीआईपी गेस्ट हाउस) भोपाल में जनसुनवाई की। जिसमें इन जातियों के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश राज्य की पिछड़ा वर्ग की केन्द्रीय सूची में सम्मिलित होने के लिये अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
सचिव राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने बताया कि वर्तमान स्थिति में केन्द्रीय पिछड़ा वर्ग की केन्द्रीय सूची में मध्यप्रदेश राज्य के लिए 68 जातियां सम्मिलित हैं। जबकि मध्यप्रदेश शासन की सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से पिछड़ी जाति की सूची में 94 जाति/उपजाति/वर्ग समूह सम्मिलित हैं। ज्ञातब्य है कि मध्यप्रदेश शासन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकीय विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद से इन 32 जाति/उपजाति/वर्ग समूह के सामाजिक, शैक्षणिक एवं सेवा में पिछड़ेपन के आंकड़े एकत्रित करने के लिए सर्वे कार्य कराया गया है। फील्ड सर्वे के उपरांत मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा इन जातियों के आकड़े शासन को प्रस्तुत किए गये है। इन आंकड़ों का अध्ययन करने के लिये जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, सदस्य श्री सीताराम यादव, विभागीय प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार, अपर सचिव श्री अनुराग चौधरी, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त श्री सौरभ सुमन मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सचिव डॉ. देवेश कुमार मिश्रा सम्मिलित रहें।

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