राष्ट्रीय सेवा योजना में बाल विवाह मुक्त भारत का संकल्प
वाराणसी । राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, बरकछा, मिर्ज़ापुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाइयों 011C एवं 011D द्वारा 31 जनवरी 2026 को शाहपुर चौंसा एवं बरकछा ग्रामों में “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. शशिधर के. एस., कार्यक्रम अधिकारी (एन.एस.एस. इकाई – 011C) एवं डॉ. सविता देवांगन, कार्यक्रम अधिकारी (एन.एस.एस. इकाई–011D) द्वारा किया गया, जिसमें एन.एस.एस. स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता रही। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को बाल विवाह के सामाजिक, कानूनी एवं स्वास्थ्यगत दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा बाल विवाह मुक्त भारत की संकल्पना को सशक्त बनाना था। जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत एन.एस.एस. स्वयंसेवकों द्वारा नुक्कड़ नाटक, जागरूकता गीत तथा पोस्टर–प्लैकार्ड के माध्यम से ग्राम स्तरीय अभियान चलाया गया, जिसमें शिक्षा, विधिक जागरूकता, लैंगिक समानता एवं सामाजिक दायित्व का संदेश प्रभावी रूप से दिया गया।
इस अवसर पर श्रीमती सविता देवी, ग्राम प्रधान, शाहपुर चौंसा एवं श्रीमती गुलशन देवी, ग्राम प्रधान, बरकछा ने एन.एस.एस. स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रम में ग्रामीणों एवं स्वयंसेवकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही, जो सामाजिक सुधार एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति एन.एस.एस. की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

होटल कमरा मिला खाली, इंजीनियर बेहोश, IPL टीम से थी कनेक्टेड
देहरादून में हत्याकांड और फायरिंग मामले में कार्रवाई, चार गिरफ्तार और बार पर लगाया ताला
सीएम नीतीश का प्रतिक्रिया: मघड़ा मंदिर हादसे में राहत एवं मुआवजे के निर्देश
कम सवारियों से जूझ रही जबलपुर-चांदाफोर्ट ट्रेन, रूट विस्तार की मांग तेज
475 रन वाला मैच याद है? पंजाब और गुजरात के हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए 500 से ज्यादा ऑपरेटर्स तैनात
इस्फ़हान में अमेरिकी एयर स्ट्राइक: 1,000 किलोग्राम बंकर बस्टर बम गिराया गया
मुस्लिम-दलित वोट को साधने का बड़ा दांव, बंगाल में राजनीतिक खेल बदल सकता है
हिडमा विवाद पर बढ़ी राजनीति, राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी का पलटवार
अरविंद केजरीवाल की नसीहत: सत्ता में बैठे लोगों के लिए चेतावनी या कटाक्ष?