‘भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता’, यूएई राजदूत का बड़ा बयान।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हमलों के बीच भी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारत के साथ अपने मजबूत रिश्ते का संदेश दिया है। भारत में यूएई के राजदूत अब्दुल नासिर अलशाली ने ईद के मौके पर एक खुला पत्र लिखकर भारत और यूएई के मजबूत रिश्तों पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा तनाव और हमलों के बावजूद यूएई पूरी तरह सुरक्षित, स्थिर और सामान्य रूप से काम कर रहा है। उन्होंने भारतीय समुदाय को भरोसा दिलाया कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और सुरक्षा, सेवाएं व व्यापार बिना रुकावट जारी हैं। अब्दुल नासिर अलशाली के इस संदेश के जरिए यूएई ने न सिर्फ अपनी तैयारियों का संकेत दिया, बल्कि भारत-यूएई साझेदारी की मजबूती और भरोसे को भी फिर से रेखांकित किया। पत्र में राजदूत ने बताया कि ईरान ने यूएई पर 2000 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन से हमले किए, लेकिन ज्यादातर को देश की रक्षा प्रणाली ने रोक लिया। इसके बावजूद देश में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, संचार और खाने-पीने जैसी सभी जरूरी सेवाएं बिना किसी रुकावट के चल रही हैं। होटल, मॉल, पर्यटन स्थल और बैंकिंग व्यवस्था भी सामान्य रूप से काम कर रही है।
यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों पर क्या कहा?
नासिर अलशाली ने कहा कि यूएई में रहने वाले 40 लाख से ज्यादा भारतीय पूरी सुरक्षा और विश्वास के साथ अपना जीवन जी रहे हैं। उनके अनुसार, यूएई ने ऐसी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाई है, जो ऐसे मुश्किल समय में भी देश को स्थिर बनाए रखती है। राजदूत ने भारतीय कारोबारियों को भरोसा दिलाया कि यूएई में व्यापार पूरी तरह चालू है। सप्लाई चेन, बंदरगाह और एयरपोर्ट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई के बीच संबंध बहुत पुराने और मजबूत हैं, जो हर मुश्किल दौर में और मजबूत होते हैं।
यूएई में रहने वाले भारतीयों को बताया अहम हिस्सा
उन्होंने यह भी कहा कि यूएई में रहने वाले भारतीय सिर्फ प्रवासी नहीं, बल्कि इस देश का अहम हिस्सा हैं। वे यहां काम करते हैं, परिवार बसाते हैं और देश के विकास में योगदान देते हैं। कई लोगों के लिए यूएई अब सिर्फ काम की जगह नहीं, बल्कि उनका घर बन चुका है। राजदूत ने बताया कि भारत सरकार भी इस पूरे समय में लगातार संपर्क में है और भारतीयों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
भारत और यूएई के बीच व्यापार
बता दें कि भारत और यूएई के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर से ज्यादा का हो चुका है और यूएई-भारत CEPA समझौता के तहत दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत हो रहे हैं। इससे पहले 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की थी और हमलों की कड़ी निंदा करते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही की जरूरत पर जोर दिया था।

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