शीशमहल का विस्तार चार सरकारी संपत्तियों को मिलाकर किया गया :विजेंदर गुप्ता
नई दिल्ली । दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक विजेंदर गुप्ता ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना से शीशमहल में मिलाई गई संपत्तियों को अलग करने की मांग कर दी है। उन्होंने कहा कि कई ऐसी प्रापर्टी थीं जो अधिकारियों और बाकी लोगों के रहने के लिए थी। केजरीवाल ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड को 10 से 50 हजार गज बनाने के लिए इसमें मर्ज (मिला) कर लिया था। बीजेपी विधायक गुप्ता ने कहा, मैंने मांग की है कि शीश महल में विलय की गई संपत्तियों को अलग करना चाहिए। पिछली आप सरकार में दिल्ली के अधिकारियों की 10 संपत्तियों का विलय किया गया। केजरीवाल ने इस 10,000 गज से 50,000 गज की संपत्ति में बदल दिया। बीजेपी विधायक ने मांग की है कि एलजी इन संपत्तियों को अलग करें। इसमें जो तमाम संपत्तियां हैं उन्हें रीस्टोर किया जाए। दिल्ली सरकार के पास जो सरकारी निवास की दिक्कत रहती है, जिसे आम आदमी पार्टी ने बढ़ा दिया था। उन्हें वापस पूल में लाया जाए।
इसके पहले उन्होंने उपराज्यपाल सक्सेना से चार संपत्तियों का ‘शीशमहल’ के साथ विलय रद्द करने का अनुरोध किया था। भाजपा ने ‘शीशमहल’ का इस्तेमाल हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान अरविंद केजरीवाल को भ्रष्टाचार के मुद्दों पर घेरने के लिए एक राजनीतिक हथियार के रूप में किया।
गुप्ता ने कहा कि बंगले का विस्तार चार सरकारी संपत्तियों को मिलाकर किया गया है और उन्होंने उन संपत्तियों के विलय को रद्द करने के लिए उपराज्यपाल सक्सेना को एक पत्र लिखा है।






























भारत-जर्मनी संबंध होंगे और मजबूत, PM मोदी ने चांसलर के साथ सहयोग बढ़ाने पर की चर्चा
बिजली चोरी करने वालों पर कसा शिकंजा, जबलपुर में तीन आरोपी गिरफ्तार
रेलवे कुश्ती दंगल का खिताब उत्तर रेलवे के नाम, शानदार प्रदर्शन से जीती चैंपियनशिप
MP में सेवा संकल्प अभियान का बड़ा प्लान तैयार, अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारियां सौंपी गईं
‘हनुमान अंश’ की विदेशों में भी धूम, नॉर्थ अमेरिका में रिलीज से पहले ही करीब 1 करोड़ की कमाई
खुदरा खरीद से सोने की कीमतों में तेजी, तीन दिन की गिरावट का सिलसिला टूटा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को लेकर रखी सरकार की सोच, समृद्धि पर दिया जोर
बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 11 सितंबर से लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी प्रभावित
नाबालिग लड़की के उत्पीड़न पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश