दुकानदारों ने सरकार से प्रतिबंध लगाने की अपील की
लखनऊ| जिले में पतंग उड़ाने वाले करीब 200 क्लब हैं। 25 बड़ी दुकानें हैं। 250 से ज्यादा छोटी-मझोली दुकानें हैं। कुछ पतंगबाजों का कहना है कि पुराने पतंगबाज खतरनाक मांझे का इस्तेमाल नहीं करते हैं। शहर में पतंग और मांझे की जितनी भी दुकानें हैं, उनमें पारंपरिक मांझे की ही बिक्री होती है।कुछ दुकानदार चोरी-छिपे खतरनाक मांझा बेच रहे हैं। इनकी तलाश की जानी चाहिए। पतंग बेचने वालों का दावा है कि खतरनाक मांझा मोना काइट नाम से ऑनलाइन बिकता है। चिंता की बात यह है कि ऑनलाइन बिक्री पर रोक नहीं है।हुसैनगंज में महाराणा प्रताप चौराहे के पास 75 साल पुरानी हाजी सुबराती पतंग दुकान है। इसके मालिक सुल्तान अहमद बताते हैं कि वे कपास के धागे से बना मांझा बरेली से मंगवाते हैं। यह जानलेवा नहीं होता और दबाव पड़ने पर तुरंत टूट जाता है। इस मांझे को पांच मिनट के लिए पानी में डाल दें तो इसका रंग व उसमें लगी चावल व पत्थर की परत उतर जाती है। कृष्णानगर स्थित इंद्रलोक कॉलोनी में मो. असद की पतंग की दुकान है। उनके पास पंतग की तमाम वैरायटी मझौली, आधी, चील, चीनी, गोल हैं। असद का कहना है कि खतरनाक मांझे पर प्रतिबंध है। इस कारण वह इसे नहीं बेचते।सुल्तान अहमद बताते हैं कि खतरनाक मांझा नायलॉन और केमिकल से तैयार किया जाता है। यह आसानी से नहीं टूटता है। उन्होंने बताया कि पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाली सद्दी दिल्ली और आगरा से आती है। उनके बेटे फरमान अहमद ने बताया कि खतरनाक मांझा ऑनलाइन आसानी से मिल जाता है। यह सामान्य मांझे से सस्ता होता है। इस कारण युवा इसे ज्यादा पसंद करते हैं।चौक के नादान महल रोड स्थित देवेंद्र काइट सेंटर के मालिक देवेंद्र कुमार गुप्ता पतंग विक्रेता एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष है। उन्होंने बताया कि वे लोग काफी समय से खतरनाक मांझे की बिक्री पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मांझा बिकता ऑनलाइन है और परेशान स्थानीय दुकानदारों को होना पड़ता है। उन्होंने खतनाक मांझे की ऑनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।तार और मछली पकड़ने वाली डोर भी बांध रहे पतंग में पतंगबाजी से जुड़े लोगों ने बताया कि पेंच काटने की होड़ में कुछ लोग तार या मछली पकड़ने वाली डोर बांध लेते हैं। ये दोनों जानलेवा हैं। तार की वजह से शॉर्ट सर्किट भी हो जाता है। कई बार पतंगों में बंधे तार से मेट्रो की लाइन बाधित हो चुकी है। इस पर एफआईआर भी कराई गई, पर हुआ कुछ नहीं। जेसीपी कानून व्यवस्था बबलू कुमार का कहना है कि खतरनाक मांझा ऑनलाइन बिक रहा है तो उसकी जानकारी लेकर संबंधित प्लेटफॉर्म से पत्राचार किया जाएगा। लोगों से भी अपील है कि खतरनाक मांझे को न खरीदें।

बार-बार ठंड और तेज बुखार—मलेरिया के संकेत हो सकते हैं ये लक्षण
नियम तोड़ना पड़ा महंगा, शाहीन अफरीदी को चुकाना होगा 10 लाख PKR
स्वास्थ्य सेवाओं पर नाराज मंत्री तोमर ने अस्पताल की पानी टंकी की खुद की सफाई
जडेजा का इमोशनल मोमेंट वायरल, दुबे को चिढ़ाने का अंदाज चर्चा में
BJP ने असम चुनाव के लिए जारी किया ‘संकल्प पत्र’, जानें सभी बड़े वादे
किसानों की हालत पर सवाल, जीतू पटवारी ने बीजेपी को घेरा
चांद के चारों ओर रोशन घेरे के साथ भोपाल का रात का नजारा हुआ खास
‘10 करोड़ का टैलेंट’: वैभव की कहानी ने क्रिकेट जगत में मचाई हलचल
मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी
हॉलीवुड डायरेक्टर जैक स्नाइडर ने की हुमा कुरैशी की तारीफ, एक्ट्रेस ने दिया दिल छू लेने वाला जवाब