सेबी की ऐतिहासिक जांच होनी चाहिए-अखिलेश यादव
लखनऊ । अमेरिका की शोध एवं निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की प्रमुख माधवी बुच पर लगाए गए आरोपों के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सेबी की जांच की मांग की। अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘सेबी की ऐतिहासिक जांच होनी चाहिए क्योंकि सेबी का इतिहास ही ऐसा रहा है कि वह कभी सही मायनों में निवेशकों का सरंक्षक व सहारा नहीं बना।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत के बाजार में निवेश के प्रति सुरक्षा की भावना जगाने के लिए सेबी की प्रतिष्ठा की पुनर्स्थापना केवल एक निष्पक्ष जांच ही कर सकती है। सेबी प्रकरण की गहन-जांच भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अपरिहार्य है।’’
विदित हो कि हिंडनबर्ग रिसर्च ने आरोप लगाया है कि उसे संदेह है कि अदाणी समूह के खिलाफ कार्रवाई करने में सेबी की अनिच्छा का कारण यह हो सकता है कि बुच की अदाणी समूह से जुड़े विदेशी फंड में हिस्सेदारी थी। वहीं, सेबी प्रमुख बुच और उनके पति ने एक संयुक्त बयान जारी कर हिंडनबर्ग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग रिसर्च के नवीनतम आरोपों को दुर्भावनापूर्ण और चुनिंदा सार्वजनिक सूचनाओं से छेड़छाड़ करने वाला बताते हुए कहा कि उसका बाजार नियामक सेबी की अध्यक्ष या उनके पति के साथ कोई वाणिज्यिक संबंध नहीं है।

केंद्रीय नीतियों पर उठाए सवाल, आम आदमी की चिंता व्यक्त की
लोगों ने जताई नाराजगी, सोशल मीडिया पर हो रही तीखी प्रतिक्रिया
न्यायिक सुधारों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
‘भाजपा की बी-टीम है कांग्रेस’ – सीएम विजयन का विवादित बयान
‘उस समय चिंता जताने वाले शहंशाह चुप क्यों?’ कांग्रेस का तीखा सवाल
चुनावी माहौल में दिया ‘BJP हटाओ, देश बचाओ’ का नारा
फैंस ने खरीदे 6 लाख तक के टिकट, आयोजन हुआ विवादित
हाई कोर्ट में सोम डिस्टिलरीज केस की सुनवाई, ना स्टे मिला ना राहत — 23 मार्च को टॉप प्राथमिकता पर होगी अगली सुनवाई
महापौर का बयान: “जिसकी जरूरत होती है, वही सामान खरीदते हैं”
बीएसपी किराया बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान