तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे युवकों की कार मंदिर में घुसी, युवक घायल, कार छतिग्रस्त
-सलामतपुर द्वारकाधीश मंदिर के मोड़ पर हुआ हादसा
-आए दिन हो रहे हादसों के मद्देनजर रहवासियों ने हाइवे को 4 लेन करने की मांग की
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 के सलामतपुर में बीती देर रात एक तेज़ रफ़्तार कार अनियंत्रित होकर द्वारकाधीश मंदिर की दीवार में घुस गई। टक्कर से मंदिर का दरवाजा छतिग्रस्त हो गया। और कार में ड्रायवर के पास बैठा युवक घायल हो गया। वो तो गनीमत रही कि हादसे के वक्त मंदिर में कोई श्रद्धालु मौजूद नही था। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार बीती देर रात लगभग डेढ़ बजे अमित रघुवंशी और देव बैरागी अपनी कार एमपी04 टीबी 4502 में सवार होकर भोपाल से तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने बासौदा जिला विदिशा जा रहे थे। सलामतपुर पहुंचने पर अंधे मोड़ पर सामने से आ रहे ट्रक की वजह से द्वारकाधीश मंदिर की दीवार में घुस गए। जिसकी वजह से मंदिर की दीवार और गेट छतिग्रस्त हो गए। वहीं कार चला रहे अमित रघुवंशी दुर्घटना में बाल बाल बच गए। लेकिन साथ बैठे देव बैरागी को सिर में चोटें आ गईं। और कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से डेमेज हो गया। दोनों युवक रिश्तेदारी के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने बासौदा जा रहे थे। कार चालक अमित रघुवंशी और द्वारकाधीश मंदिर समिति के बीच आपसी रजामंदी से समझौता हो गया। इसलिए पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की।
अंधे मोड़ के कारण आए दिन होते हैं हादसे--कस्बे में भोपाल विदिशा हाइवे द्वारकाधीश मंदिर के सामने अंधा मोड़ होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। अभी कुछ समय पहले ही एक तेज़ रफ़्तार कार एक युवक को टक्कर मारते हुए द्वारकाधीश मंदिर की दीवार में घुस गई। टक्कर से युवक के हाथ व सिर में गंभीर चोटें आईं थीं। इस घटना में कार चालक ने तेज़ व लापरवाही से चलाते हुए एक युवक इंद्रजीत सिंह पिता मान सिंह शिल्पकार जो अपनी मोपेड एमपी 38 एस 1034 से घर से दुकान की और जा रहा था को टक्कर मारते हुए मंदिर की दीवार में घुस गई थी। कार की टक्कर से इंद्रजीत को हाथ व सिर में गंभीर चोटें आईं थीं। उसकी मोपेड भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। एक और मामले में तेज़ रफ़्तार स्कॉर्पियो कार द्वारकाधीश मंदिर की दीवार तोड़कर अंदर घुस गई थी। जिसमे मंदिर का काफी नुकसान हुआ था। गौरतलब है कि इस अंधे मोड़ पर सुरक्षा के कोई भी उपाय नही किये गए हैं। यहां पर संकेतक भी नही लगाए गए हैं। जिसकी वजह से वाहन चालकों को मोड़ का पता नही चलता और दुर्घटना हो जाती है।
प्रतिदिन हाइवे से निकलते हैं छोटे बड़े 10 हज़ार वाहन--भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 पर यातायात का अत्यधिक दबाब रहता है। यहां से प्रतिदिन लगभग दस हज़ार वाहन निकलते हैं जिनमें लगभग दो सौ यात्री बसें भी शामिल हैं जो विदिशा, रीवा, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर ,बीना, ललितपुर , झाँसी कानपुर, लखनउ और इंदौर जाने वाली चार्टेड बसें तो अंधी रफ़्तार से चलती ही हैं। इसके साथ ही भोपाल से विदिशा चलने वाली बसें, डंपर, ईंट, ढोने वाली 407 , डीजल टेंकर अंधी रफ़्तार से चलते हैं। जिससे इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाए होती रहती हैं। और यातायात विभाग इन वाहनों से सिर्फ चौध वसूली कर अपनी डियूटी पूरी कर लेता है। शासन प्रशासन को शीघ्र इस और ध्यान देकर समस्या का समाधान करना चाहिए।
इनका कहना है।
बीती देर रात एक कार अनियंत्रित होकर द्वारकाधीश मंदिर की दीवार से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया है।
दिनेश सिंह रघुवंशी, थाना प्रभारी सलामतपुर।

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