नगर पालिका रायसेन की लोक जैव विविधता पंजी जैव विविधता प्रबंधन समिति की बैठक हुई
-जल, जंगल, वनस्पतियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है जैव विविधता समिति
सत्येंद्र जोशी रायसेन। (IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
नगर पालिका परिषद रायसेन में आज बुधवार को जैव विविधता प्रबंधन समिति बीएमसी की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य लोक जैव विविधता पंजी पीबीआर तैयार करने की प्रक्रिया को प्रारंभ करना तथा इस हेतु कार्ययोजना बनाना था। बैठक की अध्यक्षता जैव विविधता प्रबंधन समिति की अध्यक्षा सविता जमना सेन ने की। बैठक में विधायक प्रतिनिधि जमना सेन, सुरेखा जाटव मुख्य नगर पालिका अधिकारी, समिति के अन्य सदस्य प्रवेश पाटीदार, रेंजर, वन विभाग, डॉ शुचि मोदी एवं डॉ अंकित अग्रवाल, रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी रायसेन उपस्थित थे।
बैठक में यह तय किया गया कि लोक जैव विविधता पंजी तैयार करने हेतु जल्द ही क्षेत्र में सर्वेक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि इस लोक जैव विविधता पंजी के माध्यम से भविष्य में संकटग्रस्त एवं लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान को दस्तावेजीकृत करने तथा जैव संसाधनों से होने वाले लाभों के उचित वितरण की दिशा में भी काम किया जा सकेगा। बैठक के अंत में बीएमसी अध्यक्ष ने सभी उपस्थितों से आग्रह किया कि वे क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति को इस कार्य में शामिल करें ताकि लोक जैव विविधता पंजी पूरी तरह से व्यापक और समुदाय-आधारित बन सके। लोक जैव विविधता पंजी (People’s Biodiversity Register - PBR) स्थानीय स्तर पर जैव विविधता से संबंधित सभी जानकारी का दस्तावेज है, जिसमें किसी ग्राम, नगर या क्षेत्र विशेष में पाई जाने वाली वनस्पतियों, जीव-जंतुओं, जल स्रोतों, कृषि पद्धतियों, औषधीय पौधों एवं उनसे संबंधित पारंपरिक ज्ञान को व्यवस्थित रूप से संकलित किया जाता है।पीबीआर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों के सहयोग से उनकी जैव विविधता एवं परंपरागत ज्ञान का दस्तावेजीकरण करना है ताकि जैव विविधता के संरक्षण एवं सतत उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके,संकटग्रस्त एवं लुप्तप्राय प्रजातियों की पहचान कर उन्हें संरक्षित किया जा सके,कृषि, वानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं बागवानी में प्रयुक्त देसी किस्मों एवं ज्ञान को संरक्षित रखा जा सके,स्थानीय समुदायों को उनके जैव संसाधनों एवं पारंपरिक ज्ञान से होने वाले लाभों का न्यायपूर्ण वितरण (Access and Benefit Sharing) मिल सके।
क्या कार्य करती है समिति और क्या हैं उद्देश्य--पीबीआर तैयार करने में जैव विविधता प्रबंधन समिति (Biodiversity Management Committee - BMC) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह समिति क्षेत्र में सर्वेक्षण, जन सुनवाई एवं सूचनाएँ एकत्र करने के कार्य का संचालन करती है। इस प्रकार, लोक जैव विविधता पंजी न केवल जैविक संपदा का स्थानीय दस्तावेज है, बल्कि यह समुदायों को अपनी जैव विविधता की पहचान और उसके अधिकारों के प्रति सजग करने का एक सशक्त माध्यम भी है। इससे भविष्य में नीति निर्माण, संरक्षण योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है।






























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