8 से 20 किलोमीटर दूर से पहुंचती है दमकल, आग पर नही कर पाते काबू
-स्थानीय रहवासियों ने शासन प्रशासन से फायर ब्रिगेड की मांग की
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
कस्बे सहित आसपास क्षेत्रों में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नही होने के चलते आगजनी की घटनाओं में समय रहते मदद नही मिल पाती है। जिसकी वजह से किसानों सहित ग्रामीणों का बड़ा नुकसान हो जाता है। सलामतपुर कस्बे, बेरखेड़ी चौराहा, दीवानगंज सहित आसपास क्षेत्र में कहीं भी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नही है। जबकि सर्दी और गर्मी के दिनों ने आए दिन आगजनी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। आगजनी की घटना होने पर आठ किलोमीटर दूर सांची या बीस किलोमीटर रायसेन से फायर ब्रिगेड बुलाई जाती है। लेकिन उनके आने में काफी समय लगता है। जिसकी वजह से समय रहते आग पर काबू नही पा सकते। और बड़ा नुकसान हो जाता है। कुछ समय पूर्व भी कस्बे में गेंहू की खड़ी फसल में हुई आगजनी की घटना में भी सांची से फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पा लिया था। वहीं एक मकान में भी आगजनी की घटना में समय से फायर ब्रिगेड नही पहुंच पाई थी। जिसकी वजह से पीड़ित का काफी नुकसान हो गया था। लोगों की मांग है कि शीघ्र ही क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की जाए ताकि समय रहते आगजनी की घटनाओं में मदद मिल सके।
सपेरों की झोपड़ीयों में लगी थी आग, तीन झोपड़ियां जलकर खाक, घटनास्थल तक नही पहुंच पाई थी फायर ब्रिगेड--थाना क्षेत्र में कुछ समय पूर्व इंदिरा आवास कॉलोनी स्थित पहाड़ के किनारे दोपहर के समय आग लग गई थी। जिससे पास में बनी सपेरों की झोपड़ियां जलकर खाक हो गई थीं। आग लगने से झोपड़ियों में रखा खाने-पीने और पहनने उड़ने का सामान जलकर राख हो गया। बता दें कि सूचना लगने पर साँची फायर बिग्रेड की गाड़ी आ तो गई थी मगर ऊंचाई ज्यादा होने के कारण गाड़ी घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाई। जिस वजह से आग पर काबू नही पाया जा सका। और झोपड़ियां जलकर खाक हो गई। ये तो गनीमत रही कि जिस समय आगजनी की घटना हुई तब घर पर कोई नहीं था। सभी मज़दूर मजदूरी करने गए थे। आग लगने से सिद्दू सपेरा, विनोद सपेरा, संतोष बाल्मीकि की झोपड़ी पूरी तरह जल गई। घटनास्थल पर सिर्फ राख ही राख दिखाई दे रही थी।
शांति समिति की बैठक में भी फायर ब्रिगेड की कमी का उठ चुका है मुद्दा--- थाना परिसर में हुई शांति समिति की बैठक में सुनारी सरपंच प्रतिनिधि शेर सिंह राजपूत और बबलू पठान ने क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करने को लेकर सुझाव दिया था। उन्होंने बताया कि आने वाले गर्मी के मौसम में क्षेत्र में आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। हादसों के समय फायर ब्रिगेड सांची या रायसेन से सलामतपुर आती है। जिसमें काफी समय लग जाता है। देरी की वजह से किसानों का भारी नुकसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व भी कस्बे में हुई आगजनी की घटना में किसान की गेंहू की खड़ी फसल में आग लग गई थी। वो तो स्थानीय रहवासियों की मदद से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था। वरना फायर ब्रिगेड तो आग बुझने के बाद मौके पर पहुंच सकी थी।
इनका कहना है।
क्षेत्र में फायर ब्रिगेड का होना बहुत आवश्यक है। गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती है। और फायर ब्रिगेड सांची या सलामतपुर से आने में समय लग जाता है। जिसकी वजह से समय रहते मदद नही मिल पाती और बड़ी जनहानि हो जाती है।
रघुवीर सिंह मीणा, सरपंच ग्रा.पं. रातातलाई।
शासन प्रशासन को 1 फायर ब्रिगेड का इंतज़ाम सलामतपुर या दीवानगंज क्षेत्र में भी करना चाहिए। क्योंकि आसपास क्षेत्र में काफी जंगल लगे हुए हैं और मेन हाइवे पर भी खेती की भूमि अधिक संख्या में हैं। जिससे आगजनी की घटनाएं होती रहती है। फायर ब्रिगेड होगी तो समय रहते मदद मिल जाएगी।
कालूराम मीणा, सरपंच ग्रा.पं. खोहा।

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