चरणजीत कौर का कमाल, ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम किया रोशन
नोएडा। कभी समाज के ताने और दिव्यांगता की चुनौतियों से जूझने वाली नोएडा की पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी चरणजीत कौर ने आज अपने दम पर जिले और देश का नाम रोशन किया है। हैदराबाद (तेलंगाना) स्थित हर्टफुलनेस गोपीचंद एकेडमी में आयोजित 7वीं पैरा सीनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर टॉप तीन खिलाड़ियों में जगह बनाई। यह प्रतियोगिता 7 से 10 मार्च तक आयोजित हुई, जिसमें देशभर से करीब 800 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। 40 वर्षीय चरणजीत कौर बताती हैं कि इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। जब उन्होंने इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया, तब उन्हें खुद भी उम्मीद नहीं थी कि वह मेडल तक पहुंच जाएंगी। लेकिन लगातार मेहनत, अभ्यास और खुद पर भरोसे ने उन्हें यहां तक पहुंचाया। चरणजीत बचपन से ही पोलियो से पीड़ित हैं। उनका जन्म पटियाला के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ और वह तीन बहनों में से एक हैं। एक पैर से चलने में परेशानी के कारण बचपन से ही उन्हें कई तरह की मुश्किलों और सामाजिक तानों का सामना करना पड़ा। परिवार को उनकी शादी की चिंता रहती थी और समाज में लोग कहते थे कि “ऐसी लड़की से कौन शादी करेगा?” खेल में जाने की बात पर भी उन्हें यह सुनना पड़ा कि “खेलोगी तो छोटे कपड़े पहनने पड़ेंगे।”
लेकिन चरणजीत ने इन तानों को अपनी कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बना लिया। 22 साल की उम्र में उन्होंने बैडमिंटन खेलना शुरू किया और इसे सिर्फ खेल नहीं, बल्कि आत्मसम्मान की लड़ाई बना लिया। उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि 2007 में उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। अब तक वह 20 से ज्यादा नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं और कई खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। इसके अलावा 14 इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भी वह देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, जिनमें दो गोल्ड सहित कई सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। हालांकि उनका सपना अभी भी अधूरा है। चरणजीत कहती हैं कि उनका लक्ष्य पैरा ओलंपिक में देश के लिए खेलना है। लेकिन इसके लिए अलग-अलग देशों में टूर्नामेंट खेलने पड़ते हैं और पॉइंट्स जुटाने के लिए काफी खर्च आता है। आर्थिक सहयोग की कमी कई बार उनके जैसे खिलाड़ियों के लिए बड़ी बाधा बन जाती है। 2008 में शादी के बाद वह एक मां, पत्नी और खिलाड़ी तीनों जिम्मेदारियां निभा रही हैं। चरणजीत का मानना है कि अगर हौसला मजबूत हो तो कोई भी मुश्किल रास्ता नहीं रोक सकती। वह कहती हैं, “हर महिला को अपनी पहचान बनानी चाहिए, चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों।

अनोखी आस्था: महादेव के साक्षात दर्शन की मान्यता वाले स्थल पर रौद्र-शांत दोनों रूपों की होती है उपासना
अपराधी को भी समझने की जरूरत: श्री श्री रविशंकर के अनुसार करुणा से बदल सकता है व्यवहार और सोच
नाखूनों के रंग से खुलते हैं भाग्य के राज, सामुद्रिक शास्त्र में बताया गया करियर और उन्नति से संबंध
शनि–बुध की युति से ज्योतिषीय प्रभाव: मकर सहित 6 राशियों पर पड़ सकता है आर्थिक और पारिवारिक असर
रायसेन कलेक्टर ने किया सलामतपुर, सांची गेंहू खरीदी केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण दिये दिशा निर्देश
लोगों को मिल सके ठंडा पानी इसलिए रातातलाई पंचायत ने किया प्याऊ का इंतज़ाम
रातातलाई हाट बाजार की रिकार्ड बोली, 5 लाख 57 हज़ार रुपए में 1 साल के लिए हुआ नीलाम
हमीदिया महाविद्यालय की रासेयो द्वारा आयोजित मानसिक तनाव पर रैली एवं नुक्कड़ नाटक मंचन
VIP लाइन के लिए किसानों के खेतों में गाड़े जा रहे बिजली पोल, विरोध के स्वर तेज