मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला, क्रूज हादसे में रेस्क्यू करने वाले श्रमिकों को इनाम
बरगी क्रूज हादसा: मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, बचाव कार्य में जुटे श्रमिकों को मिलेंगे 50-50 हजार, जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित
जबलपुर: बरगी जलाशय में हुई दुखद क्रूज दुर्घटना को लेकर प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने कड़े और संवेदनशील कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने न केवल मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की, बल्कि हादसे के समय देवदूत बनकर आए स्थानीय मददगारों के लिए भी बड़ी घोषणा की है।
मददगारों का सम्मान और आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बरगी में घोषणा की है कि हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सहायता करने वाले सभी श्रमिकों को 50-50 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। शासन का मानना है कि स्थानीय लोगों के अदम्य साहस और मानवीय योगदान को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।
उच्च स्तरीय जांच समिति का ऐलान
हादसे की जड़ तक पहुँचने के लिए राज्य सरकार ने एक हाई-लेवल इंक्वायरी कमेटी का गठन किया है। इस समिति की विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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सदस्य: इसमें भोपाल से सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी और जबलपुर के संभागायुक्त शामिल रहेंगे।
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जांच के बिंदु: समिति मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर फोकस करेगी—हादसा कैसे हुआ, इसके पीछे की मुख्य परिस्थितियां क्या थीं और किन अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही रही।
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समय सीमा: जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेशभर के लिए बनेगी नई SOP (मानक संचालन प्रक्रिया)
भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सरकार ने जल पर्यटन के नियमों को सख्त करने का फैसला किया है।
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अब मध्य प्रदेश के सभी जलाशयों में संचालित होने वाले क्रूज, नौकायान और वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए एक समान SOP तैयार की जाएगी।
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इसमें सुरक्षा मानकों, आधुनिक लाइफ जैकेट की अनिवार्य उपलब्धता और आपातकालीन स्थिति से निपटने के पुख्ता इंतजामों को शामिल किया जाएगा।
सुरक्षा मानकों पर सरकार सख्त
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में पर्यटकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए और घायलों के उपचार में कोई कमी न रहे। राज्य सरकार ने यह साफ कर दिया है कि सुरक्षा ऑडिट के बिना अब किसी भी जल क्रीड़ा गतिविधि को अनुमति नहीं दी जाएगी।

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