जनता को जल्द इंसाफ दिलाने की दिशा में बिहार सरकार का अहम निर्णय
बिहार। बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने और आम नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए सरकार ने प्रदेश में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य में अपराधों पर लगाम कसने और न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आपराधिक मामलों की सुनवाई में आएगी अभूतपूर्व तेजी
सरकार का मानना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के गठन से गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई की गति बढ़ेगी। इससे न केवल पेंडिंग पड़े मुकदमों का जल्द निस्तारण होगा, बल्कि आम जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा भी और अधिक मजबूत होगा।
बोधगया में सीएम ने किया नई आपराधिक विधियों पर मंथन
शनिवार (04 जुलाई) को बोधगया में 'नए आपराधिक विधियों पर दो दिवसीय राज्य-स्तरीय सम्मेलन' को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने न्याय प्रणाली को प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि 'न्याय के साथ विकास' बिहार की मूल पहचान रही है और सरकार इसे हर हाल में कायम रखेगी।
अपराधियों पर कड़ा प्रहार जारी रहेगा: सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नई आपराधिक विधियों का मुख्य उद्देश्य अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कानून का शासन स्थापित करने की दिशा में सरकार पूरी तरह दृढ़ है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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