-सलामतपुर कस्बे में लाल रंग के स्ट्रीट डॉग की दहशत से घरों में घुसे लोग

-सरकारी अस्पताल में 15 दिन से नही एंटी रेबीज इंजेक्शन, पीड़ित परेशान

-राजीवनगर सलामतपुर में लोगों को बनाया निशाना, बकरी गाय को भी नही छोड़ा

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

कस्बे में और राजीवनगर बस्ती में एक स्ट्रीट डॉग ने रविवार को 12 लोगों को काट लिया। इसमें बड़े, बच्चे, महिलाएं और पालतू जानवर भी शामिल है। घटना रविवार दोपहर की बताई जा रही है।घटना के बाद से ही सलामतपुर सहित आसपास क्षेत्र में दहशत का माहौल है। डॉग ने सबसे पहले राजीवनगर बस्ती में जमकर आतंक मचाया यहां पर घर के बाहर बैठे बड़े लोगों, पैदल जा रही महिलाओं और घर के बाहर खेल रहे बच्चों को हाथ, पेर में काट लिया। जिसके बाद डॉग सलामतपुर पहुंचा और राशन की दुकान के बाहर राशन लेने आए हितग्राहियों और उनके बच्चों को अपना निशाना बनाया। सभी लोग जब सलामतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां पर कोई भी डॉक्टर नही मिला। फिर पीड़ित सांची सिविल अस्पताल पहुंचे तो वहां पर पता चला कि 15 दिन से पूरे ब्लॉक में ही एंटी रेबीज़ का इंजेक्शन उपलब्ध ही नही है। सभी लोगों ने विदिशा जिला चिकित्सालय पहुंचकर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया। वहीं शाम तक डॉग को पकड़ने के कोई इंतज़ाम नही किये गए।

घर के बाहर खेल रहे बच्चों को भी काटा--स्ट्रीट डॉग ने राजीवनगर में कई बच्चोँ को अपना शिकार बनाया। घर के बाहर खेलने के दौरान बच्चों को काट लिया। बच्चे के चिल्लाने पर घर के अन्य सदस्य दौड़कर बाहर पहुंचे और डॉग को भगाया। परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे। लेकिन अस्पताल से परेशान होकर वापस आना पड़ा। क्योंकि अस्पताल में कोई भी डॉक्टर मौजूद नही था।

इन लोगों को स्ट्रीट डॉग ने काटा--संजय रैकवार ,राधेश्याम पाल, शेखू खान, कृष्ण सेन, बबिता बाई, कन्नू विश्वकर्मा, रोहित, राशिद खान, भगवान सिंह, शेरू मालवीय, समीर, मोहित, जगदीश पाल की बकरी सहित एक गाय को सलामतपुर में निशाना बनाया है।

15 दिन से पूरे सांची ब्लॉक में नही है एंटी रेबीज़ इंजेक्शन- -जिले के पूरे सांची ब्लॉक में ही 15 दिन से एंटी रैबीज का इंजेक्शन उपलब्ध ही नही है। जबकि सबसे ज़्यादा डॉग के काटने के मामले यहीं पर सामने आते हैं। उसके बाद भी इस तरह की लापरवाही सामने आई है। रविवार को भी परिजन अपने बच्चों को एंटी रेबीज़ का इंजेक्शन लगवाने के लिए काफी परेशान हुए। सभी को 20 किलोमीटर दूर विदिशा जिला चिकित्सालय जाना पड़ा।

कुत्ते के "पागल" होने का मुख्य कारण--रेबीज नामक घातक वायरस है। यह वायरस संक्रमित जानवर के काटने, खरोंच या घाव के रास्ते कुत्ते के तंत्रिका तंत्र (Nervous System) में फैलकर मस्तिष्क को प्रभावित करता है। इस कारण कुत्ता सुस्त, आक्रामक या बीमार हो जाता है, लार टपकाता है और अंततः 4-5 दिनों में मर जाता है

इनका कहना है 

पूरे सांची ब्लॉक में ही एंटी रेबीज़ का इंजेक्शन उपलब्ध नही है। जबकि स्ट्रीट डॉग के काटने के सबसे ज़्यादा मामले यहीं होते हैं। कई बार जिला चिकित्सालय को समस्या से अवगत करा चुके हैं। लेकिन समाधान नही हुआ।

डॉ रवि राठौर, सीबीएमओ सांची।

मम्मी के साथ मेरा बेटा कृष्ण सेन राशन लेने सरकारी दुकान गया था। वहां पर बाहर खड़े होने के दौरान पागल कुत्ते ने मेरे बेटे के हाथ पर हमला कर ज़ख्मी कर दिया। जब अस्पताल पहुंचे तो वहां पर एंटी रेबीज़ का इंजेक्शन ही नही मिला। परेशान होकर विदिशा जाना पड़ा।

महेश सेन, पीड़ित राजीवनगर।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28