मौत से पहले मीना ने सहेली को बताया था राज
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश में स्थित माउंट कैलाश अपार्टमेंट्स में हुई घरेलू सहायिका मीना (45) की नृशंस हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। 25 सालों से लोगों के घरों में काम कर ईमानदारी से घर चला रही मीना ने मौत से ठीक कुछ दिन पहले डॉक्टर मनीष गुप्ता के बदलते और संदिग्ध व्यवहार को लेकर गहरी चिंता जताई थी। शुरुआती जांच में आरोपी डॉक्टर ने बैट और चाकू से हमला कर मीना की हत्या करने की बात कबूल ली है। हालांकि, पुलिस के सामने डॉक्टर कभी खुद को डिप्रेशन का मरीज बता रहा है तो कभी मीना पर काला जादू करने का बेतुका आरोप लगाकर गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन पीड़िता के करीबियों से हुई बातचीत इस मर्डर मिस्ट्री में नौकरानी के एंगल से एक अलग और डरावनी कहानी बयां करती है। माउंट कैलाश सोसाइटी में ही कपड़े प्रेस करने का काम करने वाली रामवती ने बताया कि मीना बेहद कम बोलने वाली और अपने काम से काम रखने वाली महिला थी। वह हमेशा डॉक्टर की पत्नी की तारीफ करती थी। लेकिन कुछ दिनों से वह डॉक्टर गुप्ता के व्यवहार से असहज थी। रामवती के मुताबिक, मीना ने उसे बताया था कुछ दिन से डॉक्टर साहब ज्यादा ही नजर रखने लगे हैं। जब मैं घर में काम करती हूं, तो वह अक्सर मेरे पीछे-पीछे घूमते रहते हैं।” डॉक्टर का कहना होता था कि हर काम उनकी नजरों के सामने ही होना चाहिए। मीना के बेटे रॉबिन ने आरोपी डॉक्टर के परिवार और समाज पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रॉबिन ने रोते हुए पूछा अगर डॉक्टर गुप्ता लंबे समय से मानसिक रूप से बीमार थे और डिप्रेशन की दवाइयां नहीं ले रहे थे, तो यह बात हमारी मां से क्यों छिपाई गई? क्यों मेरी मां को उस फ्लैट में अकेले और इतनी खतरनाक स्थिति में काम करने के लिए छोड़ दिया गया?” परिवार का मानना है कि अगर उन्हें डॉक्टर की मानसिक स्थिति का जरा सा भी अंदाजा होता, तो वह मीना को वहां कभी काम पर नहीं भेजते। मीना एक बेहद जिम्मेदार मां थीं। बेटा रॉबिन और उनकी पत्नी पिछले 10 साल से बच्चे के लिए कोशिश कर रहे थे। मीना अपनी मेहनत की कमाई से अपनी बहू का फर्टिलिटी ट्रीटमेंट (इलाज) करवा रही थीं। रॉबिन ने बताया कि उनकी मां को पूरी उम्मीद थी कि अगले साल तक वह दादी बन जाएंगी, लेकिन एक सनकी डॉक्टर ने उनका यह सपना हमेशा के लिए छीन लिया। जिन अन्य घरों में मीना पिछले 8 सालों से काम कर रही थीं, वहां के बुजुर्ग दंपत्ति ने कहा कि वह उनके परिवार के सदस्य जैसी थीं। उसने कभी किसी खतरे या असुरक्षा का जिक्र नहीं किया था। फिलहाल अमर कॉलोनी थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और डॉक्टर के काले जादू वाले दावों को दरकिनार कर हत्या की असली वजह और हथियारों की बरामदगी में जुटी है।






























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