NH 146 पर टायर फटने से अनियंत्रित हुआ ट्रक, सड़क से नीचे उतरा; चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर आमखेड़ा स्थित सांची तहसील कार्यालय के सामने रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। विदिशा की ओर से भोपाल जा रहा एक ट्रक अचानक टायर फटने के कारण अनियंत्रित हो गया और सड़क से नीचे उतर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक का टायर फूटते ही वाहन का संतुलन बिगड़ गया। इस दौरान ट्रक के अगले पहिए भी क्षतिग्रस्त होकर टूट गए। हालांकि चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए वाहन पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे ट्रक पलटने से बच गया और कोई जनहानि नहीं हुई।घटना के समय हाईवे पर आवागमन जारी था। यदि ट्रक पलट जाता या किसी अन्य वाहन को अपनी चपेट में ले लेता तो बड़ा हादसा हो सकता था। राहत की बात यह रही कि ट्रक की चपेट में कोई अन्य वाहन नहीं आया।चालक की सतर्कता और समझदारी के चलते एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
नेशनल हाइवे 146 पर सुरक्षा भगवान भरोसे, आए दिन हो रहे हादसे--नेशनल हाइवे 146 (भोपाल-विदिशा-सागर मार्ग) पर सफर करना इन दिनों खतरों से खाली नहीं है। इस व्यस्ततम मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह हाईवे 'सड़क दुर्घटनाओं का गढ़' बनता जा रहा है। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठा है।हाइवे पर सबसे बड़ी समस्या अंधाधुंध गति, स्ट्रीट लाइट की कमी और कई जगहों पर सड़कों का जर्जर होना है। रात के समय अंधेरा होने के कारण वाहन चालकों को अचानक आने वाले मोड़ या गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे गाड़ियां अनियंत्रित हो जाती हैं। इसके अलावा, महत्वपूर्ण चौराहों पर न तो ट्रैफिक सिग्नल हैं और न ही गति को नियंत्रित करने के लिए रंबल स्ट्रिप्स (स्पीड ब्रेकर) बनाए गए हैं। सड़क किनारे सुरक्षा संकेतक (साइन बोर्ड) और रिफ्लेक्टर भी गायब हैं। हाल ही में हुए कई हादसों ने यहां की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। राहगीरों का कहना है कि जब तक हाईवे अथॉरिटी (NHAI) और पुलिस प्रशासन इस मार्ग पर पेट्रोलिंग नहीं बढ़ाएंगे और ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) को ठीक नहीं करेंगे, तब तक मासूमों की जान यूं ही दांव पर लगी रहेगी। यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द हाइवे 146 पर गति सीमा के बोर्ड लगाए जाएं और रात के लिए रोशनी के कड़े इंतजाम किए जाएं।

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