अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

शनिवार देर शाम रायसेन जिले के सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम जोगीपुरा में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने क्षेत्र में जमकर कहर बरपाया। इस प्राकृतिक आपदा में जहां कई परिवारों का आशियाना उजड़ गया, वहीं क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि इसकी चपेट में आने से कई जगह भारी नुकसान की खबरें हैं।

मकान की छत उड़ी, परिवार ने भागकर बचाई जान--तूफान का सबसे ज्यादा असर जोगीपुरा के ग्रामीण खिलौना अहिरवार के परिवार पर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार शाम अचानक मौसम बदला और देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगीं। आंधी का वेग इतना भीषण था कि खिलौना अहिरवार के पक्के-कच्चे मकान के ऊपर रखी भारी-भरकम टीन की चादरें और छप्पर ताश के पत्तों की तरह हवा में उड़ गए। ​अचानक घर की छत उड़ने से अंदर मौजूद परिवार के सदस्य बुरी तरह घबरा गए। अनहोनी की आशंका के चलते पूरे परिवार ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत घर से बाहर की ओर भागकर अपनी जान बचाई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में परिवार का कोई भी सदस्य हताहत नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, छत गिरने और मलबे की चपेट में आने से घर के भीतर रखा सारा घरेलू सामान, अनाज और कपड़े पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है।

​60 गांवों की बिजली गुल, रातभर मशक्कत में जुटे रहे कर्मचारी--इस आंधी-तूफान का असर सिर्फ जोगीपुरा तक ही सीमित नहीं रहा। तेज हवाओं के कारण क्षेत्र में कई जगहों पर खेतों और रास्तों के किनारे लगे बिजली के खंभे उखड़कर जमीन पर आ गिरे। इसी दौरान मेढ़की फीडर के पास लगे बिजली के जम्फर पर आकाशीय बिजली भी गिरी। ​इस दोहरी मार के कारण सलामतपुर सहित आसपास के करीब 60 गांवों की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई और पूरा इलाका देर रात तक अंधेरे में डूबा रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए विद्युत वितरण कंपनी के जेई मनीष कुमार श्रीवास्तव और उनकी टीमें तुरंत सक्रिय हुईं। बिजली कंपनी के लाइनमैन और कर्मचारी देर रात तक कड़कड़ाती ठंड/बारिश के मौसम के बीच फॉल्ट ढूंढने और टूटी लाइनों को दुरुस्त करने के कार्य में जुटे रहे।

सांची में आंधी-तूफान का कहर: वार्ड-13 में मकान क्षतिग्रस्त--तेज आंधी-तूफान ने सांची नगर के वार्ड क्रमांक 13 में भारी नुकसान हुआ है।तेज हवाओं के चलते राजू मीणा के मकान की छत पर लगी सीमेंट की चादरें उड़कर नीचे गिर गईं, जिससे पूरा घर तहस-नहस हो गया। घर के अंदर रखा सोफा, रसोई का सामान, बर्तन, अनाज सहित अन्य घरेलू सामग्री क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर के बाहर थे। यदि उस समय कोई अंदर मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। राजू मीणा ने बताया कि उनके परिवार में पति-पत्नी और तीन बच्चे रहते हैं तथा इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। अब अब स्थिति यह है कि सर छुपाने भी छत नहीं बची है। अगर तीन की चांदनी लेकर आएंगे तो उन्होंने भी लाखों रुपए खर्च हो जाएंगे इतनी गुंजाइश नहीं है। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत कराने के लिए नगर परिषद में आवेदन किया, लेकिन अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा और शीघ्र आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।

प्रशासन से मुआवजे की मांग--इस तबाही के बाद जोगीपुरा के ग्रामीणों और पीड़ित परिवार में भारी मायूसी है। प्रभावित खिलौना अहिरवार और अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द राजस्व टीम को मौके पर भेजकर नुकसान का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए, ताकि बेघर हुए गरीब परिवार को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा मिल सके।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28