ट्रैन की चपेट में आने से छात्र की मौत, 2 घंटे तक रेलवे पटरियों के बीच पड़ा रहा शव, ऊपर से गुजरी कई ट्रेने
-शव के ऊपर से गुजरी कई ट्रैने, मानवता हुई शर्मसार
GRP की लापरवाही से परिजन नाराज़, सलामतपुर पुलिस ने दिखाई मानवता
-सलामतपुर सहित आसपास स्टेशनों पर नही रहते RPF जीआरपी के जवान
-घटना के 5 घंटे बाद भी मौके पर नही पहुंची थी भोपाल जीआरपी
-परिजन शाम तक पटरियों के किनारे बेठे हुए करते रहे GRP पुलिस का इंतेज़ार
अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)
सोमवार को सलामतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मानवता को शर्मसार करने वाला घटनाक्रम देखने को मिला, जहां एक 16 वर्षीय आठवीं कक्षा छात्र की दोपहर लगभग 1 बजे ट्रेन से कटकर मौत हो जाती है। लेकिन उसका शव 3 बजे तक लगभग दो घंटे तक रेलवे लाइनों के बीच में पड़ा रहता है और उसके ऊपर से कई ट्रेनें गुज़रती जाती हैं। मगर ज़िम्मेदार जीआरपी अधिकारी मौके पर नही पहुंचते। और शव पटरियों के बीच ही पड़ा रहता है। वह तो गनीमत रही कि सलामतपुर थाने की चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र का शव पटरियों के बीच से हटाया। लेकिन शाम 6 बजे तक भी भोपाल जीआरपी पुलिस मौके पर नही पहुंची थी। जबकि परिजन पटरियों के किनारे रोते बिलखते हुए जीआरपी पुलिस के आने का इंतेज़ार करते रहे। सलामतपुर थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार दोपहर के समय स्टेशन ने मेमो भेजकर सूचना देते हुए बताया था कि खेमखेड़ी मार्ग के सामने किसी रेलवे ट्रेक पर छात्र की मेमो ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। चुकीं क्षेत्र जीआरपी थाने में आता है। इसलिए कार्रवाई भी वही करेंगे। लेकिन फिर भी हमने मानवता दिखाते हुए चौकी से पुलिस बल को तत्काल मौके पर भेजकर छात्र के शव को पटरियों के बीच से हटवाया। मृतक छात्र की पहचान जयेश लोधी पिता राजेश लोधी उम्र 16 वर्ष निवासी खेमखेड़ी गांव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि छात्र स्कूल से आठवीं कक्षा के पेपर देकर पैदल ही अपने घर वापस जा रहा था। तभी रेलवे पटरियां पार करते समय मेमो ट्रेन की चपेट में आने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
स्टेशन पर नही रहते आरपीएफ जीआरपी के जवान--- सलामतपुर, दीवानगंज, सांची सहित आसपास क्षेत्र के स्टेशनों पर रेलवे पुलिस के आरपीएफ या जीआरपी के जवान मौजूद नही रहते हैं। जबकि यह स्टेशन दिल्ली मुंबई मेन रेलवे ट्रेक के बीच में पड़ने वाला स्टेशन है।यहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। जब कभी कोई ट्रेन से कट जाए या आत्महत्या कर ले। उस समय भी रेलवे पुलिस भोपाल या विदिशा से मोके पर आती है। जिसमें काफी समय लग जाता है। और इतने समय तक शव रेलवे लाइनों पर ही पड़ा रहता है। वहीं आसपास बस्तियों के ग्रामीण भी अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेन के नीचे से निकलते हैं। इतना सब होने के बाद भी रेलवे विभाग का रवैया गैरज़िम्मेदाराना बना हुआ है।
इनका कहना है।
सोमवार दोपहर के समय स्टेशन से मेमो मिला कि किसी छात्र की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है। सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंच गए थे। और शव को पटरियों से हटाकर साइड में रख दिया गया। वहीं मृतक की पहचान जयेश लोधी उम्र 16 साल निवासी खेमखेड़ी गांव के रूप में हुई। छात्र आठवी कक्षा का पेपर देकर पैदल घर लौट रहा था। शाम 6 बजे तक भी जीआरपी पुलिस घटनास्थल पर नही पहुंची।
दिनेश सिंह रघुवंशी,, प्रभारी थाना सलामतपुर।
