-भोपाल-विदिशा स्टेट हाइवे 18 पर गहरे गड्डों के कारण दुर्घटनाओं का हमेशा बना रहता है अंदेशा, ज़िम्मेदार नही दे रहे ध्यान

-हाइवे पर 1 सितंबर से बढ़ी हुई दरों के साथ कामर्शियल वाहनों से वसूल रहे हैं टोल टैक्स, बावजूद इसके नही हो रही रोड की मरम्मत

-गड्डों की वजह से बढ़ रहा है हादसों का ग्राफ, सलामतपुर सूखी सेवनिया पुलिस परेशान

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर सलामतपुर थाने की पुरानी चौकी के पास सड़क में बना विशाल गड्ढा राहगीरों के लिए मुसीबत और जानलेवा खतरा बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गड्ढे में गिरकर आए दिन बाइक चालक घायल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और टोल वसूलने वाली एजेंसी की नजर अब तक इस ओर नहीं पड़ी है।ग्रामीणों ने तंज कसते हुए कहा कि टोल वसूली में तो कोई कमी नहीं छोड़ी जाती, लेकिन सड़क की मरम्मत के नाम पर जिम्मेदारों की गाड़ी शायद इस रास्ते से गुजरती ही नहीं। बारिश का मौसम शुरू होते ही यह गड्ढा और खतरनाक हो जाएगा, क्योंकि पानी भरने के बाद यह दिखाई नहीं देगा और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये के टोल टैक्स के बावजूद सड़क की बदहाली चिंता का विषय है। यदि समय रहते गड्ढे की मरम्मत नहीं की गई तो यह किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है। फिलहाल हाईवे पर यह गड्ढा सड़क कम और जिम्मेदारों की लापरवाही का बड़ा स्मारक ज्यादा नजर आ रहा है।

1 सितंबर 23 से संशोधित दरों के साथ बड़ा दिया गया है टोल टैक्स----भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 पर 1 सितंबर से टोल टैक्स की दरों में बढ़ोत्तरी कर दी गई है। जिसमें हल्के कमर्शियल वाहन से 65 रुपये, खाली या भरे हुए ट्रक से 165 रुपए तो वहीं मल्टी एक्सल वाहन से 325 रुपए वसूल रहे हैं। बावजूद इसके हाइवे रोड पर मरम्मत नही कराई जा रही है। जबकि रोड पर गहरे गड्डों की वजह से आए दिन दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन एमपीआरडीसी का गैरज़िम्मेदाराना रवैया लोगों की मुसीबत बना हुआ है।

भोपाल विदिशा हाइवे से प्रतिदिन निकलते हैं 10 हज़ार वाहन---भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 से दिन भर में लगभग 10 हज़ार छोटे बड़े वाहन निकलते हैं। जो यूपी, दिल्ली, मुम्बई, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में जाते हैं। यहां से बड़े बड़े ट्राले और ट्रक क्षमता से अधिक माल लेकर सड़क से निकलते हैं। वहीं कुछ बड़े भारी वाहन भी यहां से गुजरते हैं। जो त्रिमूर्ति चौराहे से लेकर भानपुर भोपाल तक पूरे रोड के गहरे गहरे गड्डों के कारण आए दिन खराब हो जाते हैं। वहीं मोटरसाइकिल चालकों को तो गड्ढों में पानी भरा होने के कारण उनकी गहराई का अंदाज़ा भी नही लगता और जैसे ही मोटरसाइकिल का अगला पहिया गड्ढे में जाता है चालक नीचे गिरकर घायल हो जाते हैं।

हाइवे पर पिछले 12 महीने में हो चुकी हैं 100 से 150 घटनाएं---भोपाल विदिशा हाइवे 18 सड़क पर सप्ताह में एक दो हादसे गड्ढों की वजह से हो रहे हैं। जिसमें कई वाहन चालक अपनी जान गवां चुके हैं। पिछले वर्ष इस हाइवे पर लगभग सो से डेढ़ सौ घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें कई लोग घायल और कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। फिर भी ज़िम्मेदार अधिकारियों द्वारा दुर्घटनाएं रोकने के लिए कोई उपाय नही किए जा रहे हैं। वहीं ज़्यादातर हादसे बालमपुर घाटी पर हो रहे हैं। यहां पर आए दिन ट्रक हादसे होते रहते हैं। जबकि हादसों को रोकने के लिए एमपीआरडीसी ने रोड को चौड़ा भी कर दिया है। और दोनों और रेलिंग भी लगाई गई है। ताकि हादसे रोके जा सकें। फिर भी हादसे रुकने का नाम ही नही ले रहे।

इनका कहना है।

हाइवे 18 पर त्रिमूर्ति चौराहे से लेकर सलामतपुर, बेरखेड़ी चौराहा, कुल्हाड़ियां, दीवानगंज, बालमपुर और भानपुर भोपाल तक 40 किलोमीटर क्षेत्र में गहरे गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। इनकी वजह से आए दिन हाइवे पर हादसे हो रहे हैं। कुछ हादसों में तो चालक अपनी जान भी गवां चुके हैं। बावजूद इसके एमपीआरडीसी विभाग का इस और ध्यान ना देना उनकी लापरवाही को उजागर करता है।

रघुवीर सिंह मीणा, सरपंच ग्रा.पं. रातातलाई।

भोपाल-विदिशा स्टेट हाइवे 18 सड़क मार्ग पर छोटे बड़े हज़ारों वाहन प्रतिदिन निकलते हैं। कई जगह सड़क के दोनों और व बीच मे बड़े बड़े गड्ढे होने के साथ ही साइडों की डामर भी धसक गई है। इनमें बाइक का टायर फ़स जाता है। जिसकी वजह से चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। वहीं हाइवे पर टोल टैक्स वसूलने के बाद भी इन गहरे गड्ढों की और ध्यान नही दिया जा रहा है। अगर शीघ्र ही सड़क का पेचवर्क नही किया गया तो धरना आंदोलन किया जाएगा

अशोक त्रिपाठी, समाजसेवी रातातलाई सलामतपुर।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28