-सलामतपुर थाना क्षेत्र के बांसखेड़ा गांव का मामला

-मर्चुरी रूम नही होने के चलते शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा रायसेन

अदनान खान सलामतपुर रायसेन। (एडिटर इन चीफ IND28 हर खबर पर पैनी नज़र)

​सलामतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बांसखेड़ा में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ चार बेटियों के एक बुजुर्ग पिता ने अज्ञात कारणों के चलते अपने ही घर में रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

घर में अकेले थे बुजुर्ग, पत्नी लौटी तो खुला राज--प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 66 वर्षीय नेतराम शाक्या (पिता भागीरथ शाक्या) के रूप में हुई है। शुक्रवार सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच, जब घर पर कोई नहीं था, नेतराम ने कमरे में लगे पंखे के पाइप से रस्सी का फंदा बनाया और उस पर झूल गए। ​बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी गुलाब बाई सुबह गांव में ही अपने किसी रिश्तेदार से मिलने गई हुई थीं। जब वह वापस घर लौटीं, तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने तुरंत गांव के सरपंच प्रतिनिधि राशिद खान को इसकी सूचना दी। जब सरपंच प्रतिनिधि और अन्य ग्रामीणों ने दूसरे दरवाजे से घर के भीतर जाकर देखा, तो नेतराम शाक्या फंदे पर लटके हुए थे।

सभी बेटियों की हो चुकी है शादी, जांच में जुटी पुलिस--घटना की खबर मिलते ही सलामतपुर थाना प्रभारी श्यामराज सिंह पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को फंदे से नीचे उतारा। थाना प्रभारी ने बताया कि शुरुआती जांच में आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। मृतक की चार बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है और वे अपने-अपने ससुराल में रहती हैं। गांव वाले घर में बुजुर्ग दंपती अकेले ही रहते थे और इन दिनों उनके मकान के निर्माण का काम भी चल रहा था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों के विस्तृत बयानों के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल: मर्चुरी रूम न होने से परिजन परेशान--इस दुखद घटना ने एक बार फिर स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली को उजागर कर दिया है।सलामतपुर स्वास्थ्य केंद्र में बीते कई वर्षों से मर्चुरी रूम (शव गृह) की सुविधा नहीं है। इसके चलते किसी भी हादसे या आत्महत्या के मामले में परिजनों को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

भटकने को मजबूर लोग--नियमानुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए या तो 20 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय रायसेन ले जाना पड़ता है या फिर 8 किलोमीटर दूर सांची सिविल अस्पताल। विडंबना यह है कि वर्तमान में सांची सिविल अस्पताल में भी मर्चुरी रूम का रिनोवेशन (काम) चल रहा है, जिसके कारण वहाँ भी पोस्टमार्टम बंद हैं।आखिरकार इस मामले में भी पुलिस और परिजनों को शव को पोस्टमार्टम के लिए रायसेन भेजना पड़ा, जिससे शोकाकुल परिवार को और अधिक मानसिक व शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मर्चुरी रूम की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान एडिटर इन चीफ IND28